अंदरूनी ताकतों से मिल कर खेला है पाकिस्तान ने ये खूनी खेल

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मोदी को चुनाव मे चुनौती देने के लिए आतंकी हमला..

ये लेख बहुत भारी मन से लिख रहा हूँ. लगातार सेना के हाथों मार खा रहे कश्मीर में आतंकियों को भारत की अंदरूनी ताकतों से समर्थन मिल रहा है -चाहे वो फारूख अब्दुल्ला से हो या महबूबा मुफ़्ती से हो या कांग्रेस से जो नरेंद्र मोदी को चुनाव में हराने के लिए किसी हद तक जा सकते हैं. ये लोग आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान की निंदा करने की बजाय मोदी को कोसना पसंद करेंगे.
ऐसी विस्फोटकों से भरी कार 2001 में कश्मीर विधान सभा परिसर में घुसा कर भी हमला किया गया था जब फारूख मुख्य मंत्री था. अभी 4 दिन पहले अफ़ज़ल गुरु का शव मांगने वालो का समर्थन कर रहीं थीं महबूबा मुफ़्ती और इमरान खान की तारीफ कर रहीं थीं.

पाकिस्तान ने जैश-ए -मोहम्मद के आतंकियों के जरिये भारत की राजनितिक दलों के साथ साजिश के तहत CRPF के जवानों पर फिदायीन हमला कराके कई जवानों को शहीद कर दिया. वैसे शहीद हुए जवानों की संख्या की पुष्टि बाद में हुई है क्यूंकि पहले तो कोई चैनल 8 कह रहा था , कोई 12 और 18 – पर इस लेख के लिखने के अगले दिन याने कि पन्द्रह फरवरी को जो जानकारी आई है उसके अनुसार शहीद हुए जवानों की संख्या 40 को पार कर चुकी है

महबूबा, फारूख और कांग्रेस के नेता शहीदों के लिए घड़ियाली आंसू ना बहायें, इनकी कोई हमदर्दी नहीं चाहिए क्यूंकि हमलों के पीछे इन्हीं की शह है. ये अपनी बकवास शुरू ना करें कि पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए. क्या बातचीत रहते शांति बनी रही थी पूर्व में ?

आप लोग सरकार पर भरोसा रखें –जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा -और सरकार दुश्मन देश को समुचित जवाब देगी जिसके लिए पूरी व्यूह रचना करनी होगी.

मैं शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देता हूँ और नमन करता हूँ !!

(सुभाष चन्द्र)14/02/2019 

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