अंधा तो कानून है अदालत नहीं, फिर ऐसा क्यों?

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कोई वरिष्ठ वकील बता सकता है क्या कि अदालतें कौन से कानून चला रही हैं ?

एयरसेल एक्सिस केस में परसों 11 जनवरी को CBI जज ओ पी सैनी ने चिदंबरम बाप-बेटे के गिरफ़्तारी पर रोक 1 फरवरी तक बढ़ा दी क्यूंकि CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को ताया कि मामले की जांच पूरी होने वाली है .

पिछली कुछ तारीखों पर अदालत कह रही थी कि सभी पब्लिक सर्वेन्ट्स पर केस चलाने के लिए सरकार से अनुमति ले लीजिये और इसलिए उनकी गिरफ़्तारी पर रोक बढ़ाते रहे और ये आधार करीब 6 महीने बाद शुरू हुआ.

ये गिरफ़्तारी पर रोक CBI जज 31 मई से लगाते आ रहे हैं –एक दूसरे केस में दिल्ली हाई कोर्ट उनकी गिरफ़्तारी पर रोक मई, 18 से लगाता आ रहा है और अगली तारीख 18 जनवरी है –

इसका मतलब जब तक जांच पूरी नहीं होती, बाप बेटे की गिरफ़्तारी नहीं होगी –लेकिन जब जांच पूरी हो जाएगी तो गिरफ़्तारी होगी ही क्यों ?

इसके उल्टा, दिल्ली हाई कोर्ट ने राकेश अस्थाना पर दायर FIR पर जांच 10 हफ्ते में पूरी करने के आदेश दिए है लेकिन अस्थाना या अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी पर कोई रोक लगाने से मना कर दिया –जिसका मतलब है जांच के दौरान अस्थाना गिरफ्तार हो सकता है लेकिन चिदंबरम नहीं हो
सकता – यानि जांच के दौरान गिरफ़्तारी 2 मसलों पर अलग अलग कानून हैं या नजरिया अलग अलग है .

इसके अलावा एक और रोचक मसला सामने आया है –परसों शारदा घोटाले में CBI ने चिदम्बरम की बीवी नलिनी चिदम्बरम के खिलाफ कोलकत्ता के स्पेशल कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया –मगर कल मद्रास हाई कोर्ट ने उसे 4 हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत दे दी और उसके बाद चीफ जुडिशल
मजिस्ट्रेट, एग्मोर के सामने समर्पण करने के लिए कहा है.

CBI ने आरोप पत्र दायर किया कोलकत्ता में, केस कोलकत्ता का और सभी के खिलाफ आरोप बंगाल के हैं, फिर मद्रास हाई कोर्ट का क्या अधिकार क्षेत्र है दूसरे राज्य के मसले पर आदेश देने का ?

कोई वरिष्ठ वकील अगर बता सके तो बड़ी मेहरबानी होगी कि अदालतों में आखिर कौन सा कानून चल रहा है ?

(सुभाष चन्द्र)
13/01/2019

—————————————————————————————————————–(न्यूज़ इंडिया ग्लोबल पर प्रस्तुत प्रत्येक विचार उसके प्रस्तुतकर्ता का है और इस मंच पर लिखे गए प्रत्येक लेख का उत्तरदायित्व मात्र उसके लेखक का है. मंच हमारा है किन्तु विचार सबकेहैं.)                                                                                                                               ——————————————————————————————————————