आगस्ता वेस्टलैंड – घूस-घोटाला तो था ही, अधिक बड़ा तो प्रशासनिक घोटाला था !!

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3600 करोड़ के हेलीकाप्टर डील में 400 करोड़ की घूस के घोटाले के अलावा इसमें प्रशासनिक घोटाला भी बड़े पैमाने पर हुआ था जो क्रिश्चियन मिशेल के 28 अगस्त 2009 के फिनमेकेनिका कंपनी के सीईओ जूगेपी ओरसी को लिखे पत्र से सामने आया है..

मिशेलके पत्र में बताया गया है कि उसने ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व कीतरफ से मनमोहन सिंह पर दबाब बनवाया था और मिशेल कोसौदे से जुडी सभी जानकारियां सम्बंधित मंत्रालयों से मिल 
रही थीं. 

मिशेलको ये जानकारियां प्रधान मंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय समेतसरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रही थीं – इस मुद्दे पर सुरक्षामामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की होने वाली बैठक की जानकारी उसे थी –प्रधान मंत्री, संयुक्त सचिव और रक्षा सचिव केबीच चल रही बातचीत के बारे में भी उसे पता था.

इसकामतलब साफ़ है कि मनमोहन सिंह सरकार के पूरे प्रशासनिक तंत्रपर मिशेल का पूरी तरह कब्ज़ा था और जाहिर है ये कब्ज़ा कांग्रेसके शीर्ष नेतृत्व की बदौलत ही होगा क्यूंकि उसके जरीये ही मिशेल ने मनमोहन सरकार पर दबाब बनवाया था जो उसने खुद 
स्वीकारकिया है पत्र में.

प्रशासनिक-तंत्र को काबू करने में लुटियन के दलाल पत्रकारों की भी भूमिकारही होगी जिन्हे आज मोदी सरकार में मंत्रालयों में घुसने की इज़ाज़तनहीं मिलती जिसकी वजह से ही लुटियन के दलाल परेशान रहते हैं और मोदी पर पूरा लुटियन गिरोह बरसता रहता है क्यूंकि दलाली का दाना पानी बंद हो गया –आज राफेल की ही नहीं, किसी विषय की कोई भी सरकारी जानकारी इन्हे नहीं मिल पा रही है.

इसप्रशाशनिक घोटाले से भी पर्दा उठना जरूरी है कि कौन-कौन अधिकारी थे जो खरीदे थे मिशेल ने –अब उसके Mrs Gandhi का नाम लेने से, इटैलियन लेडी के पुत्र का जिक्र करने से और उसके अगला पीएम बनने की बात कहने से कांग्रेस का परेशान होना स्वाभाविक है –हालाँकि अभी ये नहीं बताया गया कि मिशेल ने इन्हे घूस देने से सम्बंधित क्या कहा है और वो सब कुछ बताया भी नहीं जासकता.

एक बात समझ से परे है कि अदालत ने एक की जगह मिशेल को एक दिन में 3 वकीलों को मिलने की अनुमति क्यों दे दी –आरोपी को इतनी सुविधा कैसे दे जा सकती है –अदालत ने कहा 15 -15 मिनट के लिए कुछ दूरी से वकील मिल सकेंगे सुबह 10 बजे और शाम 5 बजे -फिर तो 2 ही मिल सकते हैं एक दिन में–क्या इसका मतलब है कि एक समय में 2 वकील मिल सकते हैं –

अभीये कहना कठिन होगा कि क्या CBI और ED मिशेल से सब कुछ उगलवा सकेंगी या नहीं और ये भी कहना कठिन होगा कि वो उससे कुछ नहीं उगलवा सकेंगी –जो भी कुछ बताएगा मिशेल उसे सभी कड़ियों से जोड़कर देखना होगा –अभी, वैसे मिशेल को ये पता है कि वो जो कुछ भी  बयान देगा, अदालतमें उसकी कोई अहमियत नहीं होगी क्यूंकि CBI और ED कोवो सब अदालत में साबित करना होगा.

मिशेलके वकील जोसफ ने पहले ही दिन कहा था कि वो मिशेल को  इटली के किसी मित्र के कहने पर मदद कर रहा है जिसका मतलब है मिशेल को बचाने के लिए निर्देश कांग्रेस से तो मिल ही रहे हैं, वो सीधे इटली से भी भी मिल रहे हैं –इटली से कौन निर्देश दे रहा है इसका 
खुलासाअभी नहीं हुआ है.

(सुभाष चन्द्र)

—————————————————————————————————————–(न्यूज़ इंडिया ग्लोबल पर प्रस्तुत प्रत्येक विचार उसके प्रस्तुतकर्ता का है और इस मंच पर लिखे गए प्रत्येक लेख का उत्तरदायित्व मात्र उसके लेखक का है. मंच हमारा है किन्तु विचार सबकेहैं.)                                                                                                                               ——————————————————————————————————————

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