आज 12 दिसंबर 2018 की नौ बड़ी खबरें

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हार पर शिवराज ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को राजभवन में सौंपा. इस्तीफा देने के बाद चौहान ने मीडिया से कहा कि हार की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी है और वो इसे स्वीकार करते हैं.

शिवराज पहले मामा बाद में सीएम थे!

सीएम पद से इस्तीफा देने से पहले शिवराज सिंह चौहान पत्रकारों से रूबरू हुए. शिवराज ने कहा कि उन्होंने 13 साल बीजेपी की सरकार चलाई और उन्होंने कभी सीएम बनके नहीं बल्कि परिवार का सदस्य बनकर सरकार चलाने की कोशिश की. शिवराज ने कहा कि उन्होंने क्षमता के मुताबिक काम किया और प्रदेश में विकास किया. उन्होंने जनता को याद दिलाया कि जब सरकार संभाली थी तब राज्य में सड़क, बिजली जैसे मुद्दे सामने थे.

MP में हाथ ने थामा ‘कमल’!

मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. कांग्रेस ने कुल 121 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. कांग्रेस ने 114 सीटें जीती हैं और वो बहुमत से केवल 2 सीट पीछे रह गई. लेकिन उसे बीएसपी, एसपी और निर्दलियों का समर्थन मिल गया. सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ कांग्रेस के मुख्यमंत्री होंगे. कमलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस के सांसद है और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी.

राजस्थान का सीएम कौन?

राजस्थान में सीएम पद को लेकर कांग्रेस में माथापच्ची का दौर जारी है. विधायक दल की बैठक में सीएम पद के उम्मीदवार को लेकर काफी गहमागहमी दिखी. सूत्रों के मुताबिक दो तिहाई विधायकों ने सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांगी की. वैसे रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट हैं. बैठक में सचिन-सचिन के नारे भी लगे.

शादी के मेहमान तय करेंगे केजरीवाल

दिल्ली सरकार अब राजधानी में होने वाली भारी भरकम शादियों और बड़े-बड़े समारोहों में कितने मेहमानों को बुलाना है यह तय कर सकती है. दिल्ली सरकार उन मेहमानों की संख्या को सीमित करने के लिए नीति तैयारी कर रही है. दरअसल शादियों में भोजन की बर्बादी और सड़कों पर शादियों की वजह से लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार मेहमानों की संख्या सीमित करने की योजाना लागू करना चाहती है.

MP में कांग्रेस का सरकार बनाने का दावा

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. इन चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी है. कांग्रेस को राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत मिला है जबकि मध्यप्रदेश में वो सिर्फ दो सीटों से बहुमत से दूर है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने 121 विधायकों के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया है क्योंकि उसे बीएसपी और एसपी ने समर्थन का एलान किया है. बीएसपी को 2 और समाजवादी पार्टी को 1 सीट मिली है जबकि 4 निरद्लीय विधायक जीते हैं. ये निर्दलीय विधायक कांग्रेस के बागी नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने का एलान कर दिया है. खास बात ये है कि आधी रात को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन को पत्र लिखकर सरकार बनाने के दावा पेश किया क्योंकि कांग्रेस यहां पर गोवा की तरह गड़बड़ नहीं चाहती थी. लेकिन सरकार बनाने की कवायद में खासबात ये रही कि 109 सीटें जीतने वाली बीजेपी जो कि बहुमत से 7 सीटें दूर रही उसने भी सरकार बनाने का दावा पेश करने का मन बनाया था.

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सीएम कौन

राजस्थान में कांग्रेस ने पांच साल बाद सत्ता में वापसी की है. अब सवाल उठता है कि कांग्रेस का सीएम कौन होगा. सचिन पायलट और अशोक गहलोत के समर्थकों के दावों के बीच विधायक दल की बैठक में सीएम का नाम तय होगा. कांग्रेस ने अहमद पटेल को राजस्थान के पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की है. छत्तीसगढ़ में सीएम के नाम पर अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा. कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को छत्तीसगढ़ में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा है. वहीं राजस्थान में कांग्रेस ने ए के एंटोनी को पर्यवेक्षक बना कर भेजा है.

पीएम ने हार स्वीकारी तो राहुल ने कहा फिर हराएंगे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीतों में बीजेपी की हार हुई. हालांकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में मुकाबला सत्ता विरोधी लहर के बावजूद बेहद कड़ा रहा. पीएम मोदी ने कहा कि वो जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं और छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान की जनता को सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद करते हैं. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वो साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को फिर हराएंगे. राहुल ने जीत को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं, छोटे व्यापारियों और किसानों की जीत बताया.

5 साल से परेशान किया जा रहा है – वॉड्रा

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा ने केंद्र सरकार पर पांच साल से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. हाल ही में रॉबर्ट वॉड्रा के दफ्तर और करीबियों के घर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने छापा मारा था. रॉबर्ट वॉड्रा ने कहा कि ईडी उनके साथ ज्यादती कर रही है और बीजेपी उनके नाम का इस्तेमाल कर रही है. रॉबर्ट वॉड्रा ने कहा कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और साल 2019 में भी कांग्रस अच्छा काम करेगी.

(सुस्मिता कजरी)