कमलेश तिवारी पार्ट-1: कातिल करना चाहते थे आत्मसमर्पण

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email


हिन्दू नेता कमलेश की निर्दयता से ह्त्या हुई. 19 अक्टूबर को हुई इस ह्त्या को अंजाम देने के आरोपी अशफाक और मोईनुद्दीन दो दिन पहले तक आत्मसमर्पण करने वाले थे. ह्त्या के पहले बनी योजना में आत्मसमर्पण शामिल था. लेकिन पुलिस से बचकर भागते हुए उनके इरादे चकनाचूर हो गए.

हत्या के बाद पहले तो दोनो आरोपी भाग निकले लेकिन बाद में वे अपनी मूल योजना पर अमल करने की दिशा में सोचने लगे. अगर सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी को देखें तो ये आरोपी अब समर्पण की कोशिश में थे. इस कोशिश के अंतर्गत उन्होंने ठाकुरगंज में रहने वाले एक वकील से फ़ोन पर बात की.

वकील ने तुरंत समझदारी दिखाई और पुलिस को खबर कर दी. जिस नंबर से आरोपियों ने उनको फोन किया था, उन्होंने वो नंबर पुलिस को दे दिया. सर्विलांस से पता किया गया तो पता चला कि ये नंबर एक इनोवा कार के ड्राइवर का है. इस इनोवा कार से ही आरोपी शाहजहांपुर पहुंचे थे.

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और शाहजहांपुर पहुंच गई. वहां पुलिस टीम ने कैब चालक से पूछताछ की और उसके माध्यम से पुलिस ने इन आरोपियों की सीसी फुटेज हासिल करने में कामयाबी पाई.

इस कैब ड्राइवर का नाम ताहिर अहमद है जिसने बताया की इन आरोपियों ने वारदात के बाद एक ढाबे पर खाना खाया और फिर उन्होंने ताहिर से शाहजहांपुर चलने को कहा. इन में से एक आरोपी ने रास्ते में एक महिला को फोन किया था. उससे बात करते समय उसने कहा कि.. बहुत भाग लिए, अब सरेंडर कर देंगे.

इस कैब ड्राइवर के अनुसार महिला से बात होने के कुछ देर बाद आरोपियों ने उससे उसका मोबाइल मांगा. जांच अधिकारियों ने बताया कि यही सबसे अहम सूत्र था जिससे जांच आगे बढ़ी. इन आरोपियों ने इनोवा ड्राइवर के फ़ोन से ही वकील साहब को फोन किया था और उनसे आत्मसमर्पण के बारे में बात की थी. इस तरह ड्राइवर से आरोपियों के सरेंडर के तथ्य की पुष्टि भी हो गई.

(अर्चना शैरी)

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति