किसानों और बेरोजगारों को सेलेरी देने की तैयारी में सरकार, दे सकती है अंतरिम बजट में तोहफा!

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किसानों, बेरोजगारों और युवाओं के लिए ये खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है क्योंकि आने वाले समय में उनके बैंक खातों में एक फिक्स्ड सैलरी भी आ सकती है.

दरअसल केंद्र सरकार चाहती है कि वो सभी किसानों, बेरोजगारों और युवाओं की खाली जेब भर सके. इसके लिए देशभर के लोगों को मोदी सरकार जल्द ही यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) स्कीम का बड़ा तोहफा दे सकती है. इस स्कीम के तहत देश के हर नागरिक के खाते में एक निश्चित रकम डाली जाएगी जिससे लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार फरवरी 2019 के अंतरिम बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम का ऐलान कर सकती है.

यूबीआई को मोदी सरकार की अबतक की सबसे लोकलुभावन योजना माना जा रहा है जिसके तहत जीरो इनकम वाले बैंक खातों में सरकार आर्थिक मदद भेजेगी. इस स्कीम के तहत बेरोजगार युवाओं और किसानों के खातों में दस हजार महीना दिया जा सकता है. इस तरह की आर्थिक मदद देने का सिस्टम केवल विदेशों में ही मौजूद है. लेकिन इस सिस्टम को अब देश में भी लागू करने की तैयारी की जा चुकी है. हालांकि, सरकार की बेरोजगारों, गरीबों और किसानों की जेब भरो योजना का सीधा असर सरकारी तिजोरी पर भी पड़ेगा. पिछले दो साल से केंद्र की मोदी सरकार यूबीआई स्कीम पर काम कर रही है. केंद्र सरकार को इसको पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत में दो राज्यों में शुरू कर सकती है.  भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार  रहे अरविंद सुब्रमण्यन ने साल 2016-17 के आर्थिक सर्वे में इसकी सिफारिश की थी.

साल 2014 में लोकसभा चुनाव के प्रचार के समय पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अगर विदेशी बैंकों में जमा कालाधन वापस आ जाए तो हर किसी के खाते में 15 लाख रुपये आ सकते हैं. मोदी ने कहा था कि अगर उनकी सरकार बनी तो कालेधन को लाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी. लेकिन बाद में 15 लाख रुपये को बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने जुमला बता कर खारिज कर दिया था जिस पर विपक्ष ने कई मौकों पर बीजेपी पर बड़ा हमला किया था. लेकिन अब बीजेपी उसी जुमले को साकार करने की कोशिश में है. बीजेपी ने तभी ऐसा ब्रह्मास्त्र चला है ताकि एक साथ न सही लेकिन किसी योजना के जरिए लोगों के बैंक खातों में कुछ लाख रुपये ही सही लेकिन पहुंच तो सकें.

(एनआईजी स्टाफ)

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