कोहली पर विवाद : विरोध भी और समर्थन भी

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एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेल रही टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा विरोध हो रहा है वहीं उनको पूर्व भारतीय खिलाड़ियों का समर्थन भी प्राप्त हो रहा है.

पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने भारतीय कप्तान विराट कोहली और आस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन के बीच हुई तकरार को लेकर कोहली की आलोचना की है और उनके बर्ताव को अपमानजनक बताया है। जैसा कि सब जानते हैं कि दूसरे टेस्ट मैच के दौरान कोहली और पेन बीच जुबानी जंग देखने को मिली थी. इस जंग की गंभीरता का अनुमान ऐसे लगाया जाए सकता है कि एक बार तो मैदानी अंपायर क्रिस गफाने को भी बीच में हस्ताक्षेप करना पड़ा था.

जॉनसन का कहना है कि तकरार को इतना न बढ़ाइए कि मैच के अंत में आप एक दूसरे से आंखें मिलाने, हाथ मिलाने और यह कहने की स्थिति में न हों. लेकिन कोहली ने पेन के साथ ऐसा नहीं किया।

जॉनसन ने लिखा है कि सिरीज शुरू होने से पहले कोहली ने कहा था कि किसी भी तरह के टकराव की शुरुआत वह नहीं करेंगे. लेकिन वे अपने वायदे पर कायम नहीं रहे.

कोहली के व्यवहार और अति-आक्रामकता की निन्दा करने वालों में माइकल हसी, मिचेल जॉनसन और भारत के संजय मांजरेकर भी हैं. कुछ पुराने क्रिकेटर्स ने तो विराट कोहली को ‘हद’ में रहने की भी सीख दे डाली है.

इसी विवाद के बीच कोहली को पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान और प्रवीण कुमार से समर्थन भी मिला है. इन पूर्व गेंदबाजों का मानना है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली जैसे हैं, बिलकुल ठीक हैं. उनको वैसा ही रहना चाहिए.

जहीर खान ने इस बारे में कहा, ‘मैं यही कहूंगा कि विराट को जो सबसे अच्छा लगता है, वे उस पर कायम रहें. आपको सफलता के अपने फॉर्मूले से नहीं हटना चाहिए. यह मायने नहीं रखता कि बाकी क्या कह रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में सीरीज हमेशा इस तरह से कड़ी होती है.’

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने भी जहीर खान का समर्थन किया. उन्होंने कहा, ‘कोहली अंडर-16, अंडर-19 और रणजी ट्राफी स्तर से ही आक्रामकता के साथ खेलते रहे हैं . अगर वह भारत की तरफ से खेलते हुए वही आक्रामकता दिखा रहा है तो इसमें बुरा क्या है. मैंने उनके साथ काफी क्रिकेट खेली है और मैं कह सकता हूं कि वह आक्रामकता के बिना अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं खेल सकते.’

लेकिन सबसे महत्वपूर्ण था ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर का बयान. बॉर्डर ने कोहली की आलोचना नहीं बल्कि उनकी तारीफ़ की. बॉर्डर ने कहा कि मैंने विकेट का जश्न मनाने वाला ऐसा कप्तान नहीं देखा. उन्होंने आगे कहा कि – ”लगता है कि जब टीम को विकेट मिलता है तो कोहली ज़रूरत से ज़्यादा जश्न मनाते हैं लेकिन ये अच्छा है इसमें बुरा कुछ भी नहीं. ये तो उनका जूनून है.”

(इन्दिरा राय)