कौन बनेगा प्रधान मंत्री “महा-मिलावटी गिरोह” का

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एक नाम तो बताये ” महा-ठगबंधन” का कोई भी नेता ..

बंग-दादी ममता बनर्जी ने कोलकाता में छोटे-बड़े टटपुँजियों को जोड़ कर कई दलों का मजमा लगा लिया और अपनेआप को सब के सर पर चढ़ कर प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए थोपने की कोशिश की. कहने को 22 दल साथ आये थे मगर एक भी नेता ने इन बंग-दादी जी को प्रधान मंत्री पद के लिए घोषित नहीं किया –जो आये थे या जो नहीं आये, वो खुद क्या कहेंगे भला !

शत्रुघन सिन्हा, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और शरद यादव जैसे नेता तोअपने आप में ही एक दल हैं, उन्हें कही से भी बस गद्दी मिल जाए तो क्या कहना, लेकिन उन्होंने भी “दीदी” को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार नहीं कहा. शरद यादव तो रफायल को बोफोर्स बोलते रहे, तब उनको एक डीएमके के नेता ने जाकर कान में भद्दी सी गाली दे कर कहा – बोफोर्स है वो? (गाली मैं नहीं लिख सकता यहाँ पर).

क्या मायावती मान लेंगी कि बंग-दादी प्रधान मंत्री बन जायें ? यदि मान भी लिया तो फिर खुद उनका याने मायावती का क्या होगा ?

कांग्रेस के खड़गे भी जलसे में गए थे, क्या राहुल गाँधी ने ममता की हुकूमत स्वीकार कर ली खड़गे भी चुप रहे मोमता को पी एम् कहने के लिए –बंगाल कांग्रेस ने तो ममता से राज्य में चुनाव में विरोध करने की घोषणा कर दी है फिर कांग्रेस का बंग-दादी के साथ जलसे में बैठने का क्या मतलब है ?

CPM के सीताराम येचुरी ने खुलेआम कह दिया है कि किसी हालत में ममता को वो प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे.

डीएमके के स्टालिन भी गए थे –उनकी पार्टी तो कांग्रेस की जोड़ीदार है, माल मिले खाने के लिए तो घोटाला करने के लिये वे किसी के भी साथ जा सकते हैं मगर अभी उनकी पार्टी ने भी बंग-दादी को पीएम पद के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

अखिलेश यादव भी अभी इस मामले में चुप हैं — उनकी जोड़ी तो मायावती के साथ बनी है, उन्होंने मायावती को पीएम कैन्डीडेट मानने पर चुप्पी साध ली तो ममता को कैसे मानेंगे -वो अभी माया के जाल में फंसे हैं, उनको नाराज कैसे कर सकते हैं.

चंद्रबाबू नायडू जरूर बोले थे ममता के लिए कि वो पीएम बन सकती है – नायडू को भी माल चाहिए जिसे खाने के लिए मोदी ने इज़ाज़त नहीं दी.

इसके अलावा शरद पवार की हैसियत 4-5 सांसदों की हो सकती है, फारूख अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती भी ज्यादा से ज्यादा 1 या 2 सांसद ला सकते हैं और उसकी भी कुछ गारंटी नहीं है –उन्हें केक का एक टुकड़ा मिल जाये तो वह भी खैरात ही होगी. ऐसे ही कुछ अन्य दल और रहेंगे होंगे मजमे में लेकिन किसी ने भी बंग-दादी को पीएम बनाने के लिए कोई पैरवी नहीं की.

अब जरा कोई बताये हाथ उठा कर, मायावती को कौन कौन पीएम बनाने के लिए तैयार है और कौन-कौन राहुल गाँधी को पीएम बनवाने के लिए तैयार हैं ? ये तो बिलकुल ही निकम्मा दावा है कि कोलकाता जलसे में बैठा हर नेता पीएम बन सकता है, जैसा बंग-दादी ने भी कहा था -हमें तो एक नाम बता दो जिस पर सहमति बनेगी “दलदल” का प्रधान मंत्री बनाने के लिए.

क्या खा कर ये मुकाबला करेंगे 56 इंच के फौलादी सीने वाले नरेंद्र मोदी का ? सारे मिल कर भी क्या मोदी को रोक पाएंगे- सभी बुझे हुए बल्ब 1000 वाट के बल्ब याने नरेंद्र मोदी का क्या खाकर मुकाबला करेंगे !!

(सुभाष चन्द्र)
11/02/2019 

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