गुजरात में उत्तर भारतीयों के पलायन जारी, बसों ने बढ़ाया किराया, बीजेपी-कांग्रेस में तेज हुई जुबानी जंग

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गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमलों के बाद हिंदी भाषी प्रवासियों का पलायन जारी है. लोगों में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों की धमकी के चलते ये लोग गुजरात छोड़ कर जा रहे हैं. माना जा रहा है कि अबतक तकरीबन 20 हजार से ज्यादा लोग गुजरात छोड़ कर यूपी और बिहार वापस लौट गए हैं. वहीं गुजरात पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 61 एफआईआर दर्ज की हैं तो 533 लोगों को अलग अलग इलाकों से गिरफ्तार किया है. प्रवासियों के पलायन को रोकने के लिए पुलिस ने औद्योगिक इलाकों के आसपास गश्त बढ़ा दी है जहां प्रवासी मजदूर रहते हैं. वड़ोदरा में सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने औद्योगिक इलाकों में फ्लैग मार्च किया जहां कई बड़े और छोटे कारखाने हैं जिनमें 25,000 प्रवासी मजदूर काम करते हैं.

गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने बताया कि अब तक 533 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और 61 मामले दर्ज किए गए हैं. अलग से, सात मामले सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत दर्ज किए गए हैं और 20 लोग सोशल मीडिया पर घृणा संदेश फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं. हिन्दी भाषी लोग ट्रेनों और बसों के जरिए राज्य से जा रहे हैं. ये गाड़ियां खचाखच भरी हुई हैं. ऐसी भी खबरें हैं कि भीड़ के चलते कई जगह बसों का किराया बढ़ा दिया गया है.

राज्य के साबरकांठा जिले में 28 सितंबर को 14 महीने की एक बच्ची के साथ रेप के आरोप में बिहार निवासी मजदूर को गिरफ्तार किया गया था. इस घटना के बाद से ही गुजरात के छह जिलों में हिन्दी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हुईं. इनमें से ज्यादातर मामसे उत्तर गुजरात के हैं.

उधर प्रवासी मजदूरों के पलायन पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. बीजेपी ने कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर और उनके संगठन गुजरात क्षत्रिय-ठाकोर सेना पर हिन्दी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने टि्वटर कर पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी के उन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो ‘गुजरात में प्रवासियों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं.’

दरअसल अल्पेश ठाकोर के एक वीडियो वायरल होने की वजह से बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है. वायरल वीडियो में अल्पेश ठाकोर कथित रूप से प्रवासी मजदूरों के खिलाफ भाषण देते हुए दिख रहे हैं. इसे ही राज्य में हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. हालांकि अल्पेश ठाकोर ने बीजेपी के आरोपों का खंडन किया है.

वायरल वीडियो में अल्पेश ठाकोर उत्तर गुजरात के मेहसाणा जिले के भौचरजी नगर में एक सभा को संबोधित करते हुए कथित रूप से यह कहते नजर आते हैं, ‘ये लोग जो बाहर से आए हैं, वे अपराध करते हैं. वे आम ग्रामीणों को पीटते हैं और अपने राज्य वापस चले जाते हैं. ऐसे लोगों के पास यहां मारुति और अन्य कंपनियों में नौकरियां हैं लेकिन हमारे लोगों के पास यहां नौकरी नहीं है. अगर आप उन्हें भारतीय समझते हैं और उन्हें 20 फीसदी नौकरियां देते हैं, लेकिन गुजरातियों को ऐसे कारखानों से निकाला जा रहा है, गुजराती भूख से मर रहे हैं.’

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान में चुनावी रैली में मोदी सरकार पर गुजरात के पलायन को लेकर हमला बोला. राहुल ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोगों पर गुजरात में हमले किए जा रहे हैं और उन्हें भागने को मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आपने मोदी पर विश्वास किया, लेकिन मोदी ने विश्वास को तोड़ दिया.’

इससे पहले राहुल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि गुजरात में प्रवासी मजदूरों पर हमले कारोबार और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे नहीं हैं और सरकार को शांति स्थापित करने और हर भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए.

गुजरात में उत्तर भारतीयों के संगठन उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष श्याम सिंह ठाकुर ने कहा कि हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन लोग पहले ही जाने का फैसला कर चुके हैं और वे बसों और ट्रेनों में बैठकर राज्य से जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अब तक 60,000 से ज्यादा हिन्दी भाषी प्रवासी मजदूर राज्य से जा चुके हैं.
इस बीच, पुलिस लोगों में विश्वास बहाली के लिए प्रभावित औद्योगिक इलाकों में गश्त कर रही है. वड़ोदरा के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत ने कहा, ‘हिंदी भाषी प्रवासियों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. इन इलाकों से किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर भारतीयों पर हमलों की निंदा करते हुए गुजरात की बीजेपी सरकार पर हिंसा रोक पाने में विफल रहने का आरोप लगाया है. वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुजरात में बिहार के निवासियों से पलायन न करने की अपील की है.

(भुवन भट्ट)

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