गुड़ वाला डे है हमारा चॉकलेट डे!

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email

चॉकलेट डे ! आज चॉकलेट डे है और हर कोई अपने प्रिय को चॉकलेट खिला रहा है …..

आज मन तो मेरा भी है चॉकलेट खाने का । इसकी मिठास इसकी खुशबू से जिंदगी की मिठास बढ़ जायेगी …..मुझे भी ज़िन्दगी की मिठास बढ़ानी है लेकिन डर भी लगता है । साथ ही कई सवाल भी मन में …..

ये चॉकलेट की मिठास एक दिन ही सही लेकिन हम औरतों के जीवन में कहाँ आएंगी ……कौन देगा हमें चॉकलेट इस 37 कि उम्र में जब एक बाल सफेद सा चुपके से झांककर मुस्कुराने लगा है , जब हमारी गोल बिंदी हमारे शरीर के गोल आकार में ढल जाने पर ज़्यादा मुस्कुराने लगी है, जब एक बेटा चॉकलेट के लिए हर रोज मुझसे ज़िद करने लगा है ।

दिल तो करता ही है न हम 37 की उम्र से आगे की भी औरतों का चॉकलेट डे मनाने का ….. ये बाज़ार भी कितने अजीब है ,कितना भेदभाव करते हैं खुशियों के लिए भी सिर्फ यंग जनरेशन ही तलाशते हैं । मिठास के इस त्योहार में इस नई जनरेशन को क्या पता कि मिठास घोली कैसे जाती है और मिठास की खुशबू कैसे आती है जब पूरी गली महक जाय…..। फिर भी बाजारवादी रणनीति के तहत सिर्फ ये नौसिखिया यंग जनरेशन ही आज का दिन मनाने के लिए परफेक्ट है……

बाज़ार जो चमकीली पन्नी में चॉकलेट लपेटे इतरा रहा है वो क्या जाने हमारे मिठास घोलने के खूबसूरत अंदाज़। हमारी चॉकलेट तो हमारा गुड़ है वही गुड़ जो गंवार लोग खाते हैं ….. हम गंवार को हल्के में मत लीजिए हमारे गुड़ के स्वाद में भी बहुत फ्लेवर हैं चॉकलेट घुटने टेक देगी इसके आगे । हर मौसम में सेहत का ख्याल रखता हमारा गुड़ हम औरतों का बहुत खयाल रखता है ….माहवारी के कारण हम औरतों को अक्सर खून की कमी हो जाती है ऐसे में गुड़ जैसा दोस्त कोई नहीं मिठास के साथ हमारे खून में भी घुलता है हमारी ताक़त बनकर । और स्वाद ऐसे ऐसे कि सुनकर ललचा जाएंगे सब……..

आज सुबह ही गैस पर लोहे की कढ़ाई में गुड़ पिघला रही थी उसमें सोंठ मिलाया , थोड़ा भुने हुए तिल और मूंगफली भी डाली ….. खुशबू के साथ उड़ती हुई पड़ोसन आई और बोलीं – क्या है, बड़ा अच्छा महक रहा है ..मुँह में लार घोटती पड़ोसन के मुंह में गुड़ खिलाकर गले लगाकर कहा कि हैप्पी चॉकलेट डे डियर । अपनेपन के दो आंसू छलकाती हुई पड़ोसन बोली ….आज अम्मा की याद आ गई तुम्हारी इस चॉकलेट से ।

मेरी गुड़ वाली चॉकलेट रंगीन चमकीली पन्नी में लिपटी आकर्षक तो नहीं ,न ही बाज़ारू प्यार की मिठास में लिपटी एक दिन कीअभिनीत मिठास जैसी है। मेरी गुड़ वाली चॉकलेट अपनी महक से आने पर मजबूर करने वाली , रिश्तों की यादों की गठरी खोल देने वाली , मां जैसे अपनेपन की तरह सेहत का खयाल रखने वाली ,हर उम्र में बिना भेद के मिठास घोलने वाली और एहसासों के सफर पर जीवन भर मिठास बनकर हर आम ,गरीब, की ख़ास चॉकलेट बनकर खुशियां देने वाली है।

मेरी तरफ से सभी को चॉकलेट दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

शालिनी सिंह
(एंकर-ऑल इंडिया रेडियो, लखनऊ)

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति