3500 करोड़ की एफडीआई मंजूरी घोटाले में चिदंबरम आरोपी नंबर वन

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email

कांग्रेस के पक्ष में ये खबर न अच्छी है न किसी तरह की राहत देने वाली. हां, बड़ी खबर है ये देश के लिये किन्तु बड़ी चिन्ताजनक है पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के लिये. भले ही उनको दीवाली मनाने की राहत मिल गई हो पर अब वे मनी लान्डरिंग के इस घोटाले में आरोपी नंबर वन बन गये हैं. फिलहाल उनकी गिरफ्तारी रोक दी गई है. गिरफ्तारी पर जो भी फैसला होगा अब वह 26 नवंबर के बाद ही होगा.

एयरसेल-मैक्सिस केस में पी. चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट ज़रूर फाइल हो गई है पर उनको अभी हिरासत में नहीं लिया जाएगा. इस प्रकरण में सिर्फ चिदंबरम अकेले आरोपी नहीं हैं, उनके साथ नौ नाम और भी हैं जो काण्ड में हिस्सेदारी के आरोपी हैं. मामले की फ़ाइल की गई चार्ज शीट में शामिल इन आरोपियों में हैं एस भास्‍कररमन, एस श्रीनिवासन, मैक्सिस की 4 कंपनियां और एयरसेल टेलीवेंचर्स. मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी.

प्रवर्तन निदेशालय अर्थात ईडी ने अभी सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. पटियाला हाउस कोर्ट में पेश इस चार्जशीट में प्रथम आरोपी के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम का बड़ा नाम है. उन पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी FIPB को स्‍वीकृति दी थी.

ईडी द्वारा पिछली बार दाखिल की गई चार्ज शीट में पूर्व टेलीकॉम मिनिस्टर दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन सहित कुछ लोग आरोपी बनाये गए थे. एजेंसी का आरोप कि चिदंबरम ने मार्च 2006 मैक्सिस की सहायक कंपनी ग्लोबल कम्युनिकेशन सर्विस होल्डिंग्स लिमिटेड को एफआईपीबी को स्वीकृति दी थी.

(पारिजात त्रिपाठी)

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति