डायबिटीज़ नहीं करेगा परेशान : चार बातों का रखिये विशेष ध्यान

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कोई मुश्किल काम नहीं हैं ये..ज़िन्दगी से ज़्यादा ज़रूरी तो बिलकुल नहीं..

डायबिटीज़ एक बीमारी नहीं है, यह बीमारियों की जड़ है. कई तरह की बीमारियों को जन्म देने आती है ये अनुवांशिक बीमारी. पर डरने की बात नहीं यदि आप जीवन में अनुशासन को महत्व देते हैं.

यदि उपरोक्त प्रश्न को लेकर आपका उत्तर हाँ में है तो समझ लीजिये प्रकृति ने आपको अनुशासित किया है. अब आप कुछ चीज़ें मनमाने ढंग से नहीं कर सकेंगे और कुछ चीज़ें तो बिलकुल ही नहीं कर सकेंगे. अब आपको जीवन को सम्मान देना ही होगा. 

वे कुछ चीज़ें जो आप बिलकुल ही नहीं कर सकेंगे, वे हैं धूम्रपान, मद्यपान और तम्बाकू का सेवन. हाँ, आप उपवास भी नहीं कर सकेंगे. ये सब किया तो डायबिटीज़ आपको दण्डित करेगा और वह दंड प्राणलेवा भी सिद्ध हो सकता है.

जो चीज़ें आप मनमाने ढंग से नहीं कर सकेंगे वो हैं कभी भी खाना और कभी भी सोना. अब आपको सही समय पर खाना और सही समय पर ही सोना होगा. इतना ही नहीं, खाना और सोना भी न ज्यादा हो न ही कम हो. भोजन व शयन जितना संतुलित हो बस समझ लीजिये उतना ही चाहिए. याने कि चार रोटी से ज्यादा न खाएं और आठ घंटे से कम न सोएं.

हाँ ये हुई दो चीज़ें जिनका आपको ध्यान रखना है. तीसरी चीज़ ये है कि आपको सुबह से शाम तक में एक बार में कम से कम पैंतालीस मिनट्स तो चलना ही है. और यदि पंद्रह मिनट्स का सुबह शाम हल्का व्यायाम या कोई खेल-कूद हो जाए तो उससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता.

चौथी और अंतिम चीज़ जो आपके डायबिटीज़ को संतुलित रखने में सबसे बड़ी भूमिका अदा कर सकती है वह है आपकी शांत मनः स्थिति. आप तनाव में न हों, दुखी परेशान या क्रोधित न हों – तो डायबिटीज़ आप पर हावी नहीं हो पाएगा. और यदि आप दिन भर परम प्रसन्न रहने की सामर्थ्य रखते हों तो यह रोग आपको प्रणाम करेगा और पूछेगा – चरण कहाँ हैं आपके, प्रभु जी !!

(पारिजात त्रिपाठी)