प्रयागराज कुंभ 2019 : कला मंचों पर बिखरी सांस्कृतिक छटा

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कुम्भ के शुभ अवसर पर कल शनिवार 12 जनवरी 2019 की शाम तीन मंचों पर हुई विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 

लखनऊ। कला कुंभ में तीन सांस्कृतिक मंचों पर देश-विदेश की विभिन्न कलाओं का गुलदस्ता खूब सजा। प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आयोजित किए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों, लोककलाकारों का खूब जमावड़ा हुआ है। शनिवार को इन कलाकारों ने विविध कलाओं से दर्शकों का मन मोह लिया। 

कलाकुंभ की खास बात यह भी है कि परिसर में तीन मंचों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हो रही हैं जिससे कार्यक्रमों में व्यापक विविधता और बड़ी संख्या में कलाकारों की सहभागिता है। इन मंचों के नाम भी आध्यात्मिक संदर्भों से लिए गए हैं।

एक ओर जहां अक्षयवट मंच है वहीं दूसरी ओर सरस्वती मंच और फिर भारद्वाज मंच है। शनिवार की प्रस्तुतियों की खास बात रिदम रास रंग की प्रस्तुति भी रही। 18 राज्यों के करीब 150 कलाकारों के इस समूह की प्रस्तुतियां मन मोहने वाली थी। अतुल यदुवंशी के निर्देशन में जब इन कलाकारों ने एक साथ अपने लोकवाद्य बजाए तो एक अद्भुत माहौल बन गया। 

शनिवार को प्रसिद्ध गजल गायक अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन के भजनों की प्रस्तुतियां भी उल्लेखनीय रहीं। उन्होंने अक्षयवट मंच पर अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से आध्यात्मिक माहौल बना दिया। इसी मंच पर शिवानंद महाराज ने भजन, निशांत भदौरिया ने राई लोकनृत्य, ज्योति किरन रतन ने लोकनृत्य, दीपिका शुक्ल ने सुगम संगीत, सुरेश शुक्ल ने भोजपुरी गीत की प्रस्तुतियां दीं। 

उधर, भारद्वाज मंच पर छेदी यादव ने फरुवाही लोकनृत्य, मेवा सपेरा ने राजस्थानी लोकनृत्य, दीपमाला सचान ने कथक नृत्य, वीरेंद्र कुमार सिंघल ने भजन, अनन्या सिंह ने भोजपुरी गायन की तथा सरस्वती मंच पर हरिकृष्ण भुई ने ने घूमरा नृत्य, कुसुम नेगी ने लोकनृत्य, देवेश ने हरियाणवी लोकनृत्य, चन्द्रशेखर गोस्वामी ने देशभक्ति गीत, ईश्वरचन्द्र रामचन्द्र करकरे ने ख्याल संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन जीत लिया।