ममता का ‘लोकतंत्र खतरे में’ – कांग्रेस ने मिलाये सुर-ताल

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उन्हें कुछ याद नहीं –नरेंद्र मोदी को कैसे प्रताड़ित किया था – आज ममता के लिए आंसू बहा रहे हैं -कल उनके लिये भी काफी कहा था ..

कांग्रेसी घोटाले सामने आने पर इस पार्टी का नया नामकरण हुआ था – घोटाला पार्टी. बेल पर चल रहे घोटाला पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी आज ममता के घोटाले के बावजूद उनके साथ “कंधे से कन्धा” मिला कर खड़े होने की कसमें खा रहे हैं –या तो उनको पता नहीं उन्होने और कांग्रेस ने ममता के लिए क्या-क्या कहा हुआ है सारधा घोटाले को लेकर या वो आज याद नहीं करना चाहते मोदी विरोध के कारण. ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व बनता है कि हम उनको याद करायें —

—2 अप्रैल, 2016 — West Bengal Congress का ट्वीट —
Saradha scam happened, It was the biggest scam in the country yet Mamta ji did not utter even a single word on it – Rahul Gandhi;

—19 अप्रैल 2016 –कांग्रेस का ट्वीट –
ममता जी ने कहा था वो करप्शन को रोकेंगीं , मगर वो तो उन्हें बचा रही हैं जो बंगाल को लूट रहे हैं ;

—23 अप्रैल 2016 –कांग्रेस का ट्वीट —

बंगाल में सिंडिकेट राज चल रहा है — एक माफिया राज;

—8 मई 2014 –राहुल गाँधी का ट्वीट –
20 लाख लोगों ने बंगाल के चिटफंड घोटाले में अपना पैसा गंवाया

आज क्या हो गया राहुल गाँधी –ममता बनर्जी ईमानदार हो गईं क्या और क्या सारधा घोटाला कुछ है ही नहीं जो कसम खा रहे हो ममता को समर्थन करने की और कह रही हैं –पूरा विपक्ष ममता के साथ है और हम फासीवादी ताकतों को हरा कर रहेंगे.

एक अराजक नेता बंग दादी के समर्थन में दूसरा स्वघोषित अराजक नेता दिल्ली का मुख्य मंत्री खड़ा हो गया –सपा के अखिलेश खड़े हो गए और एनसीपी के शरद पवार खड़े हो गए — तब ऐसी स्थिति में देश उनसे पूछना चाह रहा है कि कुछ शर्म लाज है कि सब घोल के पी गये?

अभिषेक सिंघवी की जुबान चुप रहे, ये कैसे हो सकता है –वो कह रहे हैं –” ममता के प्रति मोदी और अमित शाह की नफरत जग-जाहिर है, भाजपा और प्रधानमंत्री राज्य में विवाद खड़ा करने के लिए आमादा हैं ताकि उन्हें चुनाव में सस्ती लोकप्रियता मिले”

बोलते हुए अभिषेक और अन्य नेता दिमाग का इस्तेमाल करने की जहमत ही नहीं उठाते –मोदी और अमित शाह ममता से नफरत करते हैं –जैसे ममता तो उन पर मुहब्बत के फूल बिखेरती फिरती हैं न – मोदी के लिया ममता का आदर तो इतना गहरा है कि उन्होंने मोदी को पीएम बनने पर कभी बधाई नहीं दी.

ममता भाजपा नेताओं को रथयात्रा न निकलने दें, चुनाव रैली न करने दें, उनके हेलीकाप्टर न उतरने दें, हिन्दुओं को त्यौहार न मनाने दें मगर फिर भी भाजपा विवाद कर रही है — अपना मानसिक संतुलन खो दिया है क्या अभिषेक मनु सिंघवी ने –बस, ये याद कर लीजिये कि भाजपा ने आपकी सेक्स सीडी का मुद्दा नहीं बनाया.

कांग्रेस, विपक्ष के अन्य नेता और मीडिया एक बार याद करें कि कैसे मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए रिमोट कंट्रोल की सरकार ने उन पर सुप्रीम कोर्ट से SIT की जांच बैठा दी थी और SIT के टीम ने मोदी से 9 घंटे पूछताछ की –उस मोदी की हत्या का षड़यंत्र भी कांग्रेस ने खेला था सोहराबुद्दीन और इशरत जहां को बुला कर.

मोदी ने कभी किसी सीबीआई अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न कोई ऐतराज़ किया — नरेंद्र मोदी ने 2 चरणों में चली 9 घंटे की पूछताछ के बाद कहा था – “Under the Indian constitution, law is supreme. As a common man, CM, I am bound by the Indian constitution and law. No one can be above the law.”

नरेंद्र मोदी ने जांच में पूरा सहयोग किया और उनका “लोकतंत्र” कभी खतरे में नहीं आया (जबकि आया था) लेकिन आज ममता का “लोकतंत्र” खतरे में है जबकि मोदी की तरह जांच सीधी ममता के खिलाफ नहीं है – और सारा विपक्ष उनके साथ हो गया घड़ियाली आंसू बहाते हुए मुह लटकाये खड़ा है.

(सुभाष चन्द्र)
04/02/2019

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