ममता या बर्बरता बनर्जी बंगाल में?

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जो हो रहा है आज बंगाल में, वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है. कदाचित ऐसा भारत के किसी भी राज्य में अपेक्षित नहीं था.

लेकिन यदि ऐसा पश्चिम बंगाल में हो रहा है तो आज के हालात में उस पर आश्चर्य भी कदापि नहीं होना चाहिए. ममता बनर्जी ने एक तरह से बंगाल को अपनी चपेट में लिया हुआ है और वे उस पर कुंडली मार कर बैठी हैं.

बंगाल में पहले ही गुंडागर्दी अपने चरम पर है. राजनीतिक हत्याएं वहां आम हैं, विशेष कर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की तृणमूल कांग्रेस के हांथों होने वाली हत्याएं वहां के जंगलराज की तस्वीर बयां करती हैं. अब हालत इतनी खराब हो गई है कि ममता पश्चिम बंगाल में जय श्री राम सुनने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने जय श्री राम बोलने वालों को गिरफ्तार भी कर रही हैं और उनकी जांच पड़ताल भी करवा रही हैं. उन्हें लगता है जय श्री राम बोलना अपराध है और इस अपराध के षड्यंत्र के पीछे केंद्र की बीजेपी का हाथ है.

प्रत्येक क्रिया की प्रतिक्रिया होती है. जब ममता ने पश्चिम बंगाल में जय श्री राम के नारे को अवैध करार दिया तो देश भर से उसकी ज़ोरदार प्रतिक्रया आई. लोगों ने जय श्री राम लिख कर ममता के पते पर पोस्ट कार्ड भेजने शुर कर दिए हैं. विपक्ष ने तुरंत कहा कि इस अभियान को एक षड्यंत्र के तौर पर प्रारम्भ किया गया है. इस के पीछे बीजेपी का हाथ है. मान भी लिया जाए कि ये सत्य है तो इससे तो यह स्पष्ट हो रहा है कि देश के जनमानस में जितना श्री राम जी के प्रति आस्था व्याप्त है उतना ही प्रेम बीजेपी के लिए भी लोगों के ह्रदय में भी है.

ममता के गुंडों ने बीजेपी की चुनावी रैलियों में हिंसा का जो तांडव दिखाया वो तो सिर्फ एक बानगी थी. ऐसा तो बरसों से चलता आ रहा है ममता के शासन में. इसलिए गुंडागर्दी का शौक रखने वाली ममता का बंगाल में बवाल लोकसभा चुनावों के दौरान भी जारी रहा. परेशान हो कर चुनाव आयोग को चुनाव प्रचार में एक दिन की कटौती तक करनी पड़ी.

भारत के भीतर ही जय श्री राम का विरोध करके साम्प्रदायिकता का माहौल पैदा करने वाली ममता बनर्जी के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्यवाही का न होना हैरानी पैदा करता है. ममता की बर्बरता को लेकर क्या योजना है भाजपा गलियारे में इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं. किन्तु रावणराज का की होने वाली अति एक दिन घमंडी ममता और उसके तानाशाह शासन को ध्वस्त कर देगी और हो सकता है ममता को जेल की दीवारों के पीछे पछताने का पूरा अवसर प्राप्त हो जाए.

किन्तु पार्टी की शाही विजय के उपरान्त शाह ने साफ़-साफ़ कहा है कि बंगाल में प्रजातंत्र का गला घोंटा जा रहा है. इसलिए वे अपना मिशन बंगाल जारी रखेंगे. पीएम मोदी ने भी 23 मई को चुनाव परिणाम के उपरान्त अहमदाबाद में धन्यवाद ज्ञापन के समय अपने सम्बोधन में कहा था कि बंगाल में तृणमूल की गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी.

चलो, एक तो अच्छा कार्य हो गया कि जहाँ लोगों ने प्रेम से जय श्री राम पोस्टकार्ड्स पर लिखा, वहीं वे पोस्टकार्ड्स डाक विभाग के माध्यम से ममता के पास पहुंच रहे हैं. इससे शायद ममता की भ्रष्ट बुद्धि सुधर जाये. ममता की अधमता पर न जाइये, उनका भाग्य देखिये कि भारतीय राजनीति के इतिहास की वह पहली महिला हैं जिन्हें एक साथ दस लाख राम नाम लिखे पोस्ट कार्ड्स देखने को मिलेंगे. जय श्री राम !!

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