महागठबंधन की महा अड़चन : नायडू सोनिया को पसंद नहीं करते

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महागठबंधन को नज़र न लग जाये भाजपा की..

एक तरफ 2019 के चुनाव में भाजपा नीत एनडीए को टक्कर देने की विपक्षी कोशिशें तेज हो रही हैं वहीं इन कोशिशों में पलीता लगाने वाली ख़बरें भी सामने आ रही हैं.

विपक्षी पार्टियों ने भाजपा को पराजित करने के लिए महागठबंधन बनाने का ऐलान किया है जिसमें आंध्रप्रदेश के बड़े नेता चंद्राबाबू नायडू एक मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं. किन्तु फिलहाल जो ख़बरें आ रही हैं उससे उनकी महागठबंधन का हिस्सा बनने की संभावना क्षीण हो रही है.

और खबर ये है कि तेलंगाना में कल होने वाली बड़ी रैली में नायडू सोनिया गांधी के साथ अपना मंच साझा नहीं करेंगे. जैसा कि सर्वविदित है, अक्टूबर में ही टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) के विरुद्ध टीडीपी और तेलंगाना जन समिति, भाकपा के साथ गठबंधन किया है. और इसका नाम रखा गया है – ‘प्रजकुट्टमी’ अर्थात जन गठबंधन.

हैदराबाद से आई है यह बड़ी खबर. कांग्रेस के राज्य प्रभारी आर सी खुंटिया ने बुधवार को कहा कि टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू कल 23 नवंबर को तेलंगाना में होने वाली रैली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के साथ अपना मंच साझा नहीं करेंगे.

कांग्रेस और नायडू की टीडीपी दोनों पार्टियों ने अन्यदलों के साथ गठबंधन बनाया है. पहले सुना जा रहा था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और सोनिया गांधी दोनों मेडचल की जनसभा में एक साथ मंच पर आएंगे, पर अब इस संभावना पर ग्रहण लग गया है.

राज्य में विधानसभा चुनाव सात दिसंबर को होने हैं. कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी 28 और 29 नवम्बर को राज्य में प्रचार के लिए आएंगे और उस दौरान नायडू कांग्रेस के साथ प्रचार करेंगे. लेकिन खुंटिया का कहना है कि नायडू सभी रैलियों में नहीं, केवल कुछ में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे.

जानकारी के अनुसार कांग्रेस की हाईकमान सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ कल 23 नवंबर को तेलंगाना के मेडचल में एकसाथ एक चुनावी सभा को सम्बोधित करने जा रहे हैं. इस बड़ी रैली की गंभीरता का अनुमान सिर्फ इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि यहां कांग्रेस ने करीब 70 विधानसभा क्षेत्रों में एलईडी स्क्रीन लगाने का फैसला किया है ताकि दोनों बड़े नेताओं की आवाज़ प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा लोग सुन सकें.

(पारिजात त्रिपाठी)