बगदादी मारा गया पार्ट -3

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बशीरा गाँव के हैरान लोग देख रहे थे कि क्या हो रहा है और वे भी शायद समझ गए थे कि कुछ बड़ा ही हो रहा है शायद आज. वजह इसकी साफ़ थी क्योंकि जिस मकान के ऊपर ये कमांडो चॉपर मंडरा रहा था, कोई मामूली मकान नहीं था. देखने वाले भी समझ गए थे कि यहां जो भी होने जा रहा था, वो भी रोज़ की मारधाड़ से कुछ बड़ा होने आला था.

अब स्टेप फाइव पर काम हुआ. चॉपर से एक संकेत दूर समुद्र के ऊपर मंडरा रहे हेलिकॉप्टर्स को भेजा गया. देखते ही देखते आधा दर्जन हेलीकॉप्टर जाने कहाँ से उड़ते हुए वहां पहुँच गए जहां पर चॉपर नंबर 1 ने हवा में डेरा डाल रखा था. अब हालात की गंभीरता को लेकर दूर-दूर तक किसी को भी कोई संदेह नहीं रहा.

आठ हेलिकॉप्टर एक घंटे दस मिनट तक दोनों दिशाओं में आसमान में रहे जबकि ऑपरेशन दो घंटे तक चला. राष्‍ट्रपति ट्रंप की मानें तो यह अमेरिकी हेलिकॉप्‍टरों की बेहद मुश्किल उड़ान थी क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिये इन हेलीकॉप्टर्स ने न केवल तुर्की और सीरिया के आसमान पर उड़ान भरी थी बल्कि बेहद घनी सुरक्षा वाले रूसी आसमान से हो कर भी इनको गुजरना पड़ा, लेकिन किसी तरह की कोई अप्रिय स्थिति पेश नहीं आई.

इन चॉपर्स के इरादे कितने खतरनाक हो सकते हैं इस बात से ही ज़ाहिर था कि ये अमरीकी हेलिकॉप्‍टर काफी नीचे बहुत तेज गति से उड़ान भर रहे थे. चूंकि इसकी ही ज़रुरत थी इसलिए ऐसा ही होना था किन्तु ऐसा करना इन हेलिकॉप्टर्स के लिए भी खतरनाक था क्योंकि ये अब इस इलाके के निशानेबाज़ों की बंदूक की जद में आ गए थे.

हालात कुछ इस तरह के थे कि ऊपर आठ चॉपर और नीचे खामोशी. नीचे के मकान में भी लोग अब तक पोज़िशन ले चुके थे और आसपास सारे इलाके की बंदूकें भी ऊपर आसमान की ओर तन चुकी थीं.

और अचानक शुरुआत भी हो गई. बंदूकों की गोलियों से आसमान गड़गड़ाने लगा. हेलिकॉप्टर्स की तरफ उठी हुई इन अनगिनत बंदूकों ने बोलना शुरू कर दिया था. अंधेरों ने हवा में फैलते धुएं की चादर को अपनी बाहों में समेट लिया था इसलिये बस धमाकों की आवाज़ और उनके साथ होने वाली चकाचौंध ने पूरे इलाके को जगमगा दिया और हिन्दुस्तान में एक दिन बाद आने वाली दीवाली का नज़ारा यहाँ आज ही तारी हो गया था.

(क्रमशः)

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