येन केन विधि दीन्हें, दान करे कल्याण!!

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स्मरण रहे, 
यदि आप अन्न का दान करते हैं अर्थात 
भूखों को भोजन कराते हैं 
तो आपके लिये एवं आपके परिवार के लिये 
जीवन में अन्न की कदापि कमी नहीं होगी 
यदि आप जल की बचत करते हैं 
अर्थात जल व्यर्थ नष्ट नहीं करते 
अथवा प्यासों को पानी पिलाते हैं 
तो आपको तथा आपके परिवार को जीवन में 
जल संकट का किञ्चिदपि सामना नहीं करना पड़ेगा 
हमें अवश्यमेव वह लौट कर मिलेगा 
जो हम दे रहे हैं, वितरित कर रहे हैं..
इसी तरह यदि आप वस्त्र दान करते हैं 
दया दान करते हैं, प्रेम दान करते हैं,
स्नेह, करुणा या ममता का दान करते हैं
या किसी भी तरह का कोई भी दान करते हैं 
तो याद रखें कि जीवन में जब भी कभी 
आप किसी भी तरह की अपरिहार्य आवश्यकता से विवश होंगे 
तब उस समय ईश्वर भी आपकी आवश्यकता की पूर्ति 
का प्रबंध इसी भांति करेंगे 
इसी लिए कहा जाता है 
येन केन विधि दीन्हें दान करे कल्याण
या आसान शब्दों में – 
कि हम जैसा करते हैं वैसा ही भरते हैं
or in English they say,
WHAT GOES AROUND, COMES AROUND !!

(पारिजात त्रिपाठी)