शरीर के अंग विशेष में दर्द और निदान

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 शरीर के अलग-अलग अंगों के दर्द को लापरवाही से न लें..और तब तो बिलकुल भी नहीं जब उनका उपचार मौजूद हो –

सिर

तनाव के कारण सिरदर्द हो सकता है। यदि किसी को पुराने सिरदर्द हैं, तो उसे दैनिक आधार पर स्वयं के लिए कुछ समय की आवश्यकता है। आराम करने से  शरीर को सिर के दर्द से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

गर्दन

गर्दन का दर्द आपके द्वारा क्षमा करने की आवश्यकता को दर्शाता है। यह अपने स्वयं को या किसी अन्य व्यक्ति को माफ करने के लिए हो सकता है। उन व्यक्तियों पर ध्यान देना बहुत अनिवार्य है जो आपसे प्यार करते हैं या जो वह जिन्हेंआप प्यार करते हैं।

कंधे

कंधों में दर्द इस बात का संकेत है कि व्यक्ति  किसी भारी भावनात्मक बोझ वहन कर रहा है। कंधे सब कुछ ढोते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए दोस्तों या परिवार के साथ भार साझा करें।

पीठ का ऊपरी हिस्सा

ऊपरी पीठ का दर्द भावनात्मक सहयोग की कमी से होता है। इसमें व्यक्ति पुरानी बातों को पकड़ कर भाव-विह्वल रहता है अथवा दूसरों की भावनाओं की क्द्र नहीं करता है। इसमें राहत सहयोगियों अथवा मित्रों के साथ अपनी भावनाओं के बारे में बात करने से मिलती है । 

पीठ_का निचला हिस्सा

पीठ के निचले हिस्से में दर्द से पता चलता है कि व्यक्ति विपन्नता/वित्तीय चिंता से ग्रसित है। इससे राहत हेतु अपनी आवश्यकताओं में कमी व वित प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करें।

कोहनी

कोहनी और हाथ का दर्द व्यक्ति के अड़ियल रवैये अर्थात लचीलेपन की कमी को दर्शाता है। जीवन में आने वाले स्वाभाविक और प्राकृतिक परिवर्तनों को पूर्णत: स्वीकार करने का प्रयास करें।

हाथ

हाथों में दर्द दोस्तों की कमी के कारण होता है। नए लोगों से मिलने की कोशिश करें व दोस्त बनाएं।

कूल्हे

जीवन में किसी बदलाव का डर कूल्हे के दर्द का कारण होता है। प्रत्येक परिवर्तन को अपरिहार्य मान कर सहर्ष स्वीकजर करने से इसमें राहत मिल सकती है। 

घुटने

घुटने में दर्द  उच्चअपेक्षाओं के कारण आत्मसम्मान की हानि का संकेत है। स्वेच्छा से काम करने की कोशिश करनी चाहिए और याद रखें कि कोई भी व्यक्ति परिपूर्ण नहीं है।

पिण्डली

पिण्डलीयों का दर्द तनाव, भावनात्मक तनाव या ईर्ष्या के कारण होता है। जीवन में ईर्ष्या या किसी बड़े तनाव को छोड़ने से राहत सम्भव है।

टखना

टखने का दर्द जीवन में  खुशी/आनंद की कमी को इंगित करता है। जीवन में छोटी छोटी चीजों और हर पल का आनंद लेने की कोशिश करें।

पैर

यदि कोई अवसाद ग्रस्त है तो उसे पैरों में दर्द होता है। अवसाद एक विशिष्ट बीमारी है। इसमे राहत के लिए नए नए शौक अपनाने की अवश्यता हैं।

(रजनी साहनी)