शीला दीक्षित की मौत के लिए पीसी चाको जिम्मेदार ?

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यह एक पत्र-बम है जिससे धमाका किया है शीला दीक्षित के बेटे ने. मामला गरमा गया है. मामला चाहे जो कुछ भी हो पर इसकी आंच कई लोगों पर आ सकती है.

अब बात करते हैं कि दरअसल हुआ क्या था. हुआ ये था कि संदीप दीक्षित जो कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं, उन्होंने एक पत्र लिखा पीसी चाको को. पत्र में संदीप ने चाको को क्या लिखा, ये बात तो अभी सिर्फ अंदर-वालों को पता है. लेकिन जो मामला बाहर छन कर आया है उसने कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया है.

मामला शीला दीक्षित की मौत से जुड़ा है जो बहुत गंभीर नज़र आता है क्योंकि बात निकली है जो दूर तलक जायेगी. बात सोनिया गाँधी तक पहुँच गई है. और सोनिया भी इस बात की तह तक जाने को लेकर गंभीर हैं.

बात ज़ाहिर सी है. ये बात वो बात है जो बाहर आई है जिसके अनुसार संदीप ने शीला दीक्षित की मौत के लिए पीसी चाको को जिम्मेदार ठहराया है. सरकार में मंत्री रहे कई कांग्रेस नेताओं ने भी पीसी चाको पर निशाना साधा है। दिल्ली में कांग्रेस की बदहाली के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए पद से हटाने की मांग की है।

पूर्व कांग्रेसी सांसद संदीप दीक्षित का यह पत्र पहुंचना तो था चाको के पास लेकिन पहुँच गया सबके पास. सबके पास पहुंचा तो मीडिया ने भी लपक लिया. लेकिन सब ने समझदारी ये दिखाई कि हर्फ़ दर हर्फ़ इस खत का मजमून कोई सामने नहीं लाया जिससे मामले की संदिग्धता और बढ़ गई है. जो भी हो, ये पत्र अब पत्र-बम का काम कर रहा है और पार्टी के अंदर इसने घमासान मचा दिया है.

जानकारी के अनुसार पीसी चाको ने उस पत्र को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया था. सोनिया ने पार्टी की अनुशासनात्मक समिति को पत्र सौंप दिया है और समिति को इसकी जांच के निर्देश भी दिए हैं. अब अनुशासनात्मक समिति इस मामले में जल्दी ही कोई फैसला लेने वाली है.

वैसे कुल मिला कर जो बात सामने आई है उसके मुताबिक संदीप ने अपने पत्र में पीसी चाको पर अपनी मां शीला दीक्षित की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि उनकी मां की मौत के लिए पीसी चाको जिम्मेदार हैं. खत को आधार मान कर देखें तो संदीप कह रहे हैं कि पीसी चाको के मानसिक उत्पीड़न की वजह से उनकी मां शीला दीक्षित का निधन हुआ है. कहा तो यह भी जा रहा है कि संदीप ने यह भी लिखा है कि या तो पीसी चाको माफी मांगे या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

वहीं बाहर मौके का फायदा उठाया है कांग्रेस के कुछ और नेताओं ने और शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रह चुके इन नेताओं ने भी पीसी चाको पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने चाको को दिल्ली में कांग्रेस की बदहाली के लिए न सिर्फ जिम्मेदार ठहराया है बल्कि उन्हें पद से हटाने की मांग भी कर डाली है. इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से शिला की मृत्यु के कारणों की जांच कराने की मांग भी की है.

दो दिन पहले याने कि 11 अक्टूबर को एक समाचार पत्र में इस समाचार के प्रकाशित होने के बाद इन सभी पूर्व मंत्रियों के साथ और भी कई नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता की जिसमे उन्होंने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया है. आरोपी नेताओं में पूर्व मंत्री रमाकांत गोस्वामी, मंगत राम सिंघल, किरण वालिया, जितेंद्र कोचर, रोहित मनचंदा, आदि शामिल हैं.

इन नेताओं के आरोपों के अनुसार शीला दीक्षित को कांग्रेस को मजबूत करने से रोका जा रहा था जिससे वे काफी परेशान थीं. प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र कोचर की मानें तो शीला ने सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था जिसे समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा. वैसे ये कांग्रेस नेता ये भी कह रहे हैं कि संदीप दीक्षित का पत्र सार्वजनिक करना गलत है. पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की जांच होनी चाहिए. इस दिशा में निष्पक्ष जांच और पार्टी के हित में प्रदेश प्रभारी को उनके पद से हटाना आवश्यक हो गया है.

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