शुद्ध विजयादशमी है ये दशहरा भारत के लिए

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राफेल के लिए सुप्रीम कोर्ट का नींद का नींद से जागना जरूरी है..

इस बार विजयादशमी का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक भी रहा और गौरवशाली भी माना जायेगा –ये संयोग की बात है कि आज के विजयदशमी के दिन कई मायनों में यादगार रहेगा – भगवान् राम की रावण पर विजय के साथ कई और बातें भी याद रहेंगी.

–पहली बात भारतीय वायुसेना की स्थापना के आज 87 वर्ष पूरे हुए और वायुसेना ने अपने जवानों का मान सम्मान बढ़ा कर अपने नए आधुनिक हेलीकॉप्टरों से नई शक्ति का परिचय दिया- भारतीय वायुसेना को शत शत नमन और शुभकामनायें !!

–नए वायुसेना प्रमुख ने खुल कर कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की वजह से ही बालाकोट हो सका और आज मोदी सरकार ने आतंकवाद से लड़ने का तरीका ही बदल दिया है .

–आज के दिन 94 वर्ष पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना हुई थी जब संघ के नागपुर कार्यालय में HCL के अध्यक्ष शिव नाडर जी मुख्य अतिथि थे और संघ प्रमुख मोहन भागवत जी ने संघ का दर्शन विश्व के सामने प्रस्तुत किया.

–आज ही फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने राफेल विमान को वायुसेना के लिए प्राप्त किया –इतना ही नहीं राजनाथ जी ने विमान की विधिवत शस्त्रपूजा की और उसके लिए विमान पर ॐ अंकित किया,तिलक किया, मौली बाँधी और नारियल रखा, साथ ही 2 नींबू विमान के पहियों के नीचे रखे गए –सही मायनों में भारतीय संस्कृति के अनुसार पूजन किया जैसे हम अपने घर के लिए कोई भी वाहन खरीद कर करते हैं.

सुप्रीम कोर्ट राफेल के मुकदमों पर नींद से जागे तो कमाल ही हो जाये..

मई के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल के मामले में 2 मुकदमों में सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित कर लिया था मगर 4 महीने से फैसला नहीं सुनाया है जो शीघ्र सुनाना चाहिए –इन दोनों मुकदमों में नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री का निजी तौर पर चरित्रहनन किया गया और उनकी सरकार की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाया गया -मकसद केवल चीन और पाकिस्तान को खुश करके अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना था .

–पहला मुकदमा था –प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी की सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई क्लीन चिट के फैसले के खिलाफ रिव्यु पेटिशन –इस पर फैसला नहीं दिया अभी तक अदालत ने –अगर पेटिशन ख़ारिज होनी है तो इन तीनो याचिका दायर करने वालों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए .

–दूसरा मुकदमा था कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गाँधी के खिलाफ शिकायत पर उनके बार बार मोदी को चोर कहने पर बावजूद सुप्रीम कोर्ट की सरकार को क्लीन चिट देने के – आखिर क्या रोक रहा है सुप्रीम कोर्ट को फैसला देने से –क्या अपने मान सम्मान की भी चिंता नहीं है अदालत को ? क्यूंकि ये शिकायत राहुल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की मानहानि करने की थी.

(सुभाष चन्द्र)

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