सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-34 : 16 फरवरी 2019

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प्रयागराज की हृदयांचल में स्थित कुम्भ का आयोजन दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ के रूप को प्रतिबिंबित कर रहा है साथ ही सांस्कृतिक कुम्भ के अपने नवीनतम आयाम का परिचायक भी बना है. देश विदेश के कलाकार यहां अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रदर्शन कर रहे हैं और विश्व के समक्ष भारतीय धर्म और संस्कृति के सुन्दर रूप का जीवंत चित्रण भी कर रहे हैं..

चौदह फरवरी को कश्मीर स्थित पुलवामा क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में हमारी सेना के चालीस से अधिक जवान मारे गए और इस दुखद घटना से सारा देश स्तब्ध है. प्रयागराज की कुम्भ भूमि में भी इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. यहां आये हुए कलाकारों, पत्रकारों, उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों स्थित स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर शोक प्रकट करते हुए भारतीय सेना के बलिदानी सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. और आज प्रयागराज शहर स्थित सभी सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों ने इस घटना के प्रति क्षोभ और हमलावरों के विरुद्ध रोष प्रदर्शित करते हुए अपने कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है. संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा देश भर से यहां आमंत्रित लोक कलाकारों ने देश की सेना के लिए सन्देश दिया है कि हम आपके साथ हैं और हमेशा आपके साथ रहेंगे !!

कुम्भ क्षेत्र के प्रमुख सांस्कृतिक मन्चों पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी शोक संतप्त रहीं. पाँच में से दो मन्चों पर कार्यक्रम स्थगित कर दिये गये. और भारी मन से कलाकारों ने अन्य तीन मन्चों पर अपनी प्रस्तुतियाँ दीं. सेक्टर 1 गंगा मंच पर दर्शकों हेतु ब्रह्मा कुमारी संस्था द्वारा एक विशेष कार्यक्रम – डिवाइन लाइट शो प्रस्तुत किया गया और इस पांडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालु दर्शकों ने इस धार्मिक प्रस्तुति का आनंद उठाया.

सेक्टर 6 स्थित भारद्वाज मंच पर दिल्ली से आयी माया निगम का कथक नृत्य प्रस्तुत हुआ. लखनऊ के चैन सिंह ने लोकगीत सुनाये. लखनऊ के शहनवाज खान एवं सुनील विश्वकर्मा की नगाड़ा, तबला और पखावज पर हुई जबरदस्त जुगलबंदी का दर्शकों ने लुत्फ़ लिया. इसके बाद मुंबई से आयी श्रद्धा सदविदकर का लावणी डांस शो हुआ. सबसे विशेष कार्यक्रम के तौर पर आकलैंड से आये प्रवीण कुमार के निर्देशन में न्यूज़ीलैंड की रामलीला का मंचन किया. न्यूज़ीलैंड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस न्यूज़ीलैंड की रामलीला का दर्शकों ने तालियों के साथ अभिवादन किया.

आज सेक्टर 17 के यमुना मंच पर लखनऊ से आयी नंदनी पांडेय ने लोकगीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किये तो वहीं लखनऊ की गायिका मीनाक्षी ने अपनी मधुर आवाज़ में मीठे-मीठे भजन प्रस्तुत किये. भजनों के बाद गोंडा के सही राम पांडेय ने अपनी ओजपूर्ण वाणी आल्हा गायन किया. आल्हा के उपरान्त मिर्ज़ापुर की खुशबू तिवारी ने कजरी गायन प्रस्तुत किया. गोरखपुर की कलाकार सुमन दुबे ने भोजपुरी लोकगीतों ने समा बाँध दिया और सारा पांडाल तालियों से गूँज उठा. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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