सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-11 : जनवरी, 28, 2019

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email

प्रयागराज शहर में स्थित सांस्कृतिक मन्चों पर रोज की तरह आज भी कलाकारों की धूम रही. शहर के सभी 20 मन्चों पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ सुचारु रहीं और दर्शक-दीर्घा से उन्हें पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ.

किला चौराहा कला-मंच, अक्षयवट मंच के निकट स्थित कला-मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित कला-मंच पर आज अमेठी के रमेश श्रीवास्तव ने जादू का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. प्रयागराज के सतरंजय कठपुतली दल ने कठपुतली का खेल दिखा कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. केपी इंटर कॉलेज कला-मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहा कला-मंच और हाथी पार्क कला-मंच पर आज प्रयागराज के संतोष कुमार ने कजरी होली लोक गीत प्रस्तुत किया. गाजीपुर के सुनील कुमार ने लोकनृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों की वाहवाही लूटी.

संस्कृति ग्राम चौराहा कला-मंच, अरैल सेक्टर 19 कला-मंच और वल्लभाचार्य मोड़ कला-मंच पर आज लखनऊ के अवतार सिंह एंड ग्रुप ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी. उनके बाद लखनऊ की ही कलाकार नीलम पांडेय के लोकगीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया. बैंक चौराहा कला-मंच, सिविल लाइंस बस स्टॉप कला-मंच और पत्थर वाला चर्च कला-मंच पर आज बांदा के कलाकार रामकिशुन ने पाई डंडा नृत्य प्रस्तुत किया. उनके बाद लखनऊ की कलाकार बिना के लोक गीतों ने समा बाँध दिया.

बालसन चौराहा कला-मंच, इंद्रमूर्ति चौराहा कला-मंच और सुभाष चौराहा कला-मंच पर आज पंथा, उत्तरप्रदेश के धर्मपाल सिंह ने नाटक का मंचन किया. उनके बाद बिहार के कन्हैया कुमार झा ने अपनी जादू की प्रस्तुति से महफ़िल लूट ली. विश्वविद्यालय तिराहा कला-मंच और राजापुर ट्रैफिक चौराहा कला-मंच पर आज दर्शकों ने प्रयागराज के सत्यप्रकाश पटेल ने लोक गीत बिरहा सुना. लखनऊ के नाटककार सुब्रत राय ने एक नाटक का मंचन किया जिसने दर्शकों को काफी हद तक प्रभावित किया.

हीरालाल हलवाई कला-मंच, सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज कला-मंच और प्रयागराज जंक्शन कला-मंच पर आज लखनऊ के लोक रंग फाउंडेशन के कलाकारों ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी. उनके उपरान्त बिहार के मनीष कुमार सिंह ने कठपुतली का कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया

प्रयागराज शहर के 20 मन्चों की तरह ही कुम्भ परिसर के भी पाँचों मुख्य सांस्कृतिक मंच दर्शकों से ठसाठस भरे रहे और देश विदेश के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखी गईं.

सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर आज गुजरात के परवीन भाई का डांडिया और गरबा नृत्य देखा गया. इन नृत्यों के बाद बलिया के गोपाल राय की भोजपुरी प्रस्तुति हुई. फिर मथुरा के मदन लाल शर्मा ने प्रस्तुत किया – बृज के लोक नृत्य. इसके बाद दर्शकों को प्रेम और भक्ति के रंगों से सराबोर किया श्रीलंका के कलाकारों ने. वे कुम्भ में भारतीय दर्शकों के लिए लेकर आये हैं रामलीला. श्री लंका की यह रामलीला सौंदर्य कला विश्वविद्यालय कोलंबो द्वारा मंचित की गई.

सेक्टर 6 के ऋषि भारद्वाज मंच पर झारखंड के सुखदेव बंजारे ने पंथी लोकनृत्य किया. फिर दर्शकों के सामने प्रतापगढ़ से आईं शिवानी मातनहेलिया ने लोकगायन प्रस्तुत किया. इसके बाद दर्शकों की वाहवाही लूटी अपनी ग़ज़लों से लखनऊ के गायक कमाल खान ने.

सेक्टर १७ के यमुना मंच पर कोलकाता की अदिति चक्रवर्ती का उपशास्त्रीय गायन हुआ. फिर अहमदाबाद के राजेंद्र रावल की केरवानो वेश नामक प्रस्तुति हुई. केरवानो वेश के बाद मथुरा के कलाकार आशीष सिंह ने दर्शकों को दिखाया विशेष नृत्य – दशावतार कत्थक बैले. दशावतार बैले के बाद लखनऊ की कलाकार नीरजा श्रीवास्तव का सुगम संगीत कार्यक्रम बहुत पसंद किया गया.

सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर दिल्ली की कीर्ति काले के संयोजन में कवि सम्मलेन का आयोजन हुआ इसमें भाग लेने वाले कवियों में थे बाराबंकी के अम्बरीश अंबर, लखनऊ की स्वाती मिश्रा, प्रतापगढ़ के कपिल तिवारी, फर्रुखाबाद के उत्कर्ष अग्निहोत्री, उत्तर प्रदेश के डॉक्टर केशव शर्मा, वाराणसी के चंद्रशेखर गोस्वामी, फीरोजाबाद के ओमपाल सिंह निडर, लखनऊ की व्यंजना शुक्ला, उन्नाव की प्रियंका शुक्ला और लखनऊ की सुफलता त्रिपाठी. प्रयागराज से न्यूज़ इंडिया ग्लोबल के लिए पारिजात त्रिपाठी.

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति