सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-12 : 29 जनवरी 2019

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दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ की संज्ञा से सुसज्जित प्रयागराज कुम्भ २०१९ के परिसर में स्थापित मंच देश विदेश से आये अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं..

प्रयागराज में उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा तैयार किये गए पांच प्रमुख मंचों पर चल रह सांस्कृतिक गतिविधयां न केवल उत्तरप्रदेश समेत सम्पूर्ण भारत की कला प्रस्तुतियों के वाहक बने हुए हैं अपितु कुंभ के अभूतपूर्व सांस्कृतिक रूप की गरिमा को भी अपने आप में समेटे हुए हैं.

सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर आज लखनऊ के कलाकार अनुज मिश्रा का कुम्भ पर आधारित कत्थक नृत्य की प्रस्तुति हुई. कत्थक नृत्य के बाद वाराणसी से आयीं डॉक्टर मधुमिता भट्टाचार्य और प्रयागराज की मेनका मिश्रा के भजनों ने दर्शकों को मन मोह लिया. इस मंच पर वाराणसी के ही दीपक सिंह ने बिरहा गायन प्रस्तुत किया. उनके बाद जो विशेष प्रस्तुति हुई वह मुंबई की गायिका रेखा भारद्वाज की थी. उनके गाये गए सूफी गीतों ने समा बाँध दिया.

सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर प्रयागराज की श्रुति मालवीय ने भजन प्रस्तुत किये. इन भजनो के बाद अहमदाबाद के राजेंद्र रावल ने केरवानो वेश की प्रस्तुति दी. फिर हुआ राजस्थान की ममता देवी का चकरी लोकनृत्य. दिल्ली के एहसान भारती की विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी जो थी – जवाबी कव्वाली. उनके बाद इस मंच की सबसे विशेष प्रस्तुति देखी गई जो थी कोलम्बो के सौंदर्य कला विश्वविद्यालय द्वारा श्रीलंका की रामलीला. श्रीलंका की रामलीला ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया.

सेक्टर १७ के यमुना मंच पर सोनभद्र से आये कलाकार संतोष कुमार ने आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत किया. इस लोकनृत्य के बाद सिक्किम की शर्मिला गादले का सिंघी याकक्षम नृत्य देखा गया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग से आये सुखदेव बंजारे का पंथी लोकनृत्य दर्शकों ने देखा. इस लोकनृत्य के बाद लखनऊ की शीलू श्रीवास्तव का भोजपुरी लोकगायन हुआ. उसके बाद वृन्दावन के कलाकार देवकीनंदन शर्मा की विशेष प्रस्तुति का दर्शकों ने आनंद लिया जो थी – महारास.

सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर आज लखनऊ की फरहाना परवीन का लोकनृत्य देखा गया जिनके बाद लखनऊ की ही सबीना सैफी का सुगम संगीत कार्यक्रम हुआ. संगीत की इस प्रस्तुति के बाद लखनऊ की संस्था कामायनी द्वारा एक नाटक का मंचन किया गया. इस मंच की सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रस्तुति के तौर पर अहमदाबाद के अशोक बांठिया द्वारा एक धार्मिक नाटक मंचित किया गया – कृष्णा. इस नाटक ने दर्शक-दीर्घा में आध्यात्मिक आनंद का भाव पैदा किया और दर्शकों की हार्दिक सराहना भी इस नाटक ने अर्जित की. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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