दाढ़ी कटा के मिलना चाहता था माँ-बाप से ताकि आतंकी पहचान न लें!

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घाटी में नफरत ने एक और बलि ले ली. आतंकी वैसे तो हिन्दुस्तानियों से नफरत करते हैं लेकिन जान लेते समय वे ये भी नहीं देखते कि वे अपने ही लोगों को मार रहे हैं.

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक जवान को कल आतंकियों ने बड़ी बेदर्दी से मौत के घात उतार दिया. जम्मू-कश्मीर पुलिस में उप निरीक्षक था मारा गया देश का ये सिपाही. इम्तियाज अहमद मीर नामक इस पुलिसकर्मी ने आतंकियों से बचने के लिए अपना हुलिया बदलना चाहा था. उसके लिए उसने अपनी दाढ़ी काट ली थी. उसे लगा कि उसकी बेतरतीब दाढ़ी वाला चेहरा ही उसकी असली पहचान है और अब क्लीन शेव हो कर वह अपने को बचा सकता है, अब उसको आतंकी पहचान नहीं पाएंगे. मगर बदकिस्मती से ऐसा हो न सका.

माता-पिता से मिलने को व्याकुल था यह सबइंस्पेक्टर. और इसके लिए उसने अपनी तैयारी भी पूरी कर रखी थी. दाढ़ी मूछ साफ़ करके वह माबाप से मिलने जाना चाहता था ताकि उसे मारने की फिराक में घूम रहे आतंकी उसको पहचान न सकें. पर उसके भाग्य ने उसका साथ नहीं दिया और आतंकियों की खुनी निगाहों ने उसको ढूंढ निकाला.

ये जानकारी मीर के ही एक साथी से प्राप्त हुई है. दक्षिण कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित पुलवामा जिले के बाहीबाग में कल सुबह आतंकवादियों ने सबइंस्पेक्टर मीर की गोली मारकर हत्या कर दी. तीस वर्षीय मीर सीआईडी में काम कर रहे थे. मीर को चेतावनी दी गई थी कि वे अपने गांव न जाएँ. क्योंकि आशंका थी कि आतंकवादी उनपर हमला कर सकते हैं. दरअसल यह सिलसिला काफी समय से यहां चल रहा है, आतंकवादी प्रदेश के पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे हैं.

मीर के एक सीनियर अफसर ने बताया कि – मैंने उससे कहा था कि वह ना जाए क्योंकि आतंकवादी हमला कर सकते हैं. लेकिन वह अपने माता पिता को देखने के लिए बहुत बेकरार था. उसके मातापिता पुलवामा जिले के अंदरूनी इलाके में सोनताबाग में रहते हैं.’

उन्होंने आगे कहा कि मीर ने घर जाने के लिए छुट्टी ली और अपना हुलिया बदल लिया. उन्होंने अपनी दाढ़ी काट ली और अपने पैतृक गांव जाने के लिए अपनी खुद की वेहिकल लेकर जाने का फैसला किया था.

मीर के मित्र ने बताया कि उसने अपने अफसरों से आखिरी बार कहा था कि अब वे (आतंकी) मुझे नहीं पहचान पाएंगे. मीर के परिवार में उसके बाद बस उसके माता-पिता ही हैं.

(भुवन भट्ट)

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