14 जनवरी मकर संक्रान्ति को सम्पन्न हुआ प्रथम शाही स्नान

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प्रयागराज ने आतिथ्य किया सबसे बड़े सनातनी सम्मेलन का..

आस्था के महोत्सव कुंभ की शानदार शुरुआत हो गई है. अखाड़ों का प्रथम शाही स्नान आज संपन्न हुआ. सुबह सवा छह बजे ढोल ढमाके के साथ साधू संतों की शाही सवारियां स्नान हेतु संगम पहुंची. सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं ने स्नान किया फिर उनके बाद अटल अखाड़े का आगमन और स्नान सम्पन्न हुआ.

इन अखाड़ों के बाद निरंजनी अखाड़ा और फिर आनंद अखाड़ा स्नान के लिए पहुंचा. सभी चौदह अखाड़ों के स्नान के बीच जो सबसे विशष स्नान रहा वह किन्नर अखाड़े का था जो कि पहली बार अखाड़ा सम्प्रदाय में सम्मिलित हुए और अपनी सवारियों के साथ स्नान के लिए पहुंचे. किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ स्नान में शामिल हुआ.

मकर संक्रांति के अवसर पर आज नागा साधुओं की भव्य टोलियां कड़कती सर्दी को मात देती हुई स्नान के लिए आईं. सन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े के अतिरिक्त महिला साध्वियां भी अपनी धार्मिक आस्था का भव्य परिचय दिया और टोलियों में आकर माँ गंगा में डुबकियां लगाईं. मकर संक्रांति के साथ शुरू हुआ कुंभ 4 मार्च महाशिवरात्रि तक चलेगा.

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं में शाही स्नान अपनी पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ. प्रदेश सरकार ने साधुओं तथा अन्य श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर्स से पुष्प वर्षा कराई और इस तरह उत्तरप्रदेश सरकार ने भी इस भव्य धार्मिक उत्सव पर अपने कर्तव्य का निर्वाह किया और साथ ही साथ पुण्य भी कमाया.

भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता दिन भर लगा रहा और संगम तट पर स्नान का सिलसिला शाम तक चलता रहा. देश भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अवसर उपस्थित हुए और उन्होंने भी इस अभूतपूर्व कुम्भ की दिव्यता का हार्दिक स्वागत किया. प्रयागराज से न्यूज़ इंडिया ग्लोबल के लिए पारिजात त्रिपाठी.