Bihar opinion Poll 2025: जनता ने किया साफ, किसे मिल सकता है पांच साल का राज?

On: November 5, 2025 10:51 AM
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले, कई सर्वे एजेंसियों द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट इस बात का संकेत दे रहे हैं कि राज्य में सत्ता का समीकरण एक बार फिर नए सिरे से लिखा जा सकता है। यह उपयुक्त समय है कि हम समझें National Democratic Alliance (NDA) और **Mahagathbandhan / INDIA ब्लॉक के बीच किसकी रफ़्तार तेज है, किन मुद्दों ने जनता का मूड बदला है और आगे किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सर्वेक्षण क्या कह रहे हैं?

  1. एक सर्वे के अनुसार, NDA को लगभग 133-143 सीटें मिल सकती हैं
  2. महागठबंधन को 93-102 सीटों के बीच सफलता मिल सकती है।
  3. दूसरे सर्वे के अनुसार NDA को 120-140 सीटें, महागठबंधन को 93-112 सीटें मिलने का अनुमान है।
  4. वोट शेयर के मामले में, NDA को लगभग 41% जबकि महागठबंधन को लगभग 39-40% का समर्थन मिल रहा है।
  5. मुख्यमंत्री पद के इच्छुक चेहरे में, Tejashwi Yadav सर्वाधिक सामने हैं- करीब 33% समर्थन प्राप्त किया है, वहीं Nitish Kumar को करीब 29% वोट मिले हैं।

दिए गए रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि NDA इस बार मामूली बढ़त के साथ आगे बढ़ता नज़र आ रहा है, लेकिन महागठबंधन में भी घबराने जैसा माहौल नहीं है — दोनों में मुकाबला बेहद करीब चल रहा है।

किन कारणों से NDA को बढ़त मिल सकती है?

स्थिरता और योजनाओं का असर
NDA शासित सरकार द्वारा ग्रामीण योजनाओं, महिला-उद्यमिता कार्यक्रमों और सामाजिक कल्याण पहलों को जनता ने नोट किया है। ऐसे वादे और क्रियान्वयन मतदान तक असर दिखा सकते हैं। उदाहरण के लिए सर्वे में इस तरह के संकेत मिले हैं कि महिलाओं का वोट NDA की ओर झुक रहा है।

प्रतिक्रिया में विकास व युवा-मात्रा
युवा मतदाता (18-30 वर्ष) और जात-धाराओं के बीच बदलाव ­– जैसे महिलाएं, युवा, पूर्वांचल से आने वाले प्रवासी मतदाता ­– इनका रुझान भी महत्वपूर्ण है। एक सर्वे में महिला मतदाताओं का झुकाव NDA की ओर अधिक पाया गया है।

प्रतिस्पर्धियों की रणनीति व नए चेहरे
महागठबंधन तथा नए उदयशील दलों (जैसे Jan Suraaj Party) का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित दिख रहा है — सर्वे में इनका सीट-हिस्सा कम अनुमानित है।

क्या कहती है जनता? – एक संक्षिप्त विश्लेषण

सर्वे बताते हैं कि अधिकांश मतदाता “परिवर्तन” और “स्थिरता” दोनों के बीच झूल रहे हैं। NDA को “पहले से मौजूद शासन व योजनाओं” का लाभ मिल रहा है, जबकि महागठबंधन ने “नया विकल्प” व “मुकाबला” की बजाय अपने-आप को बेहतर प्रस्तुत करने प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री-चेहरा यानी Tejashwi अथवा Nitish का चुनाव भी मतदाताओं के मन में एक निर्णायक प्रश्न बन चुका है। यदि Tejashwi को बढ़त मिलती है, तो महागठबंधन को उत्साह मिलेगा; अन्यथा, NDA की मशीनरी बाजी मार सकती है।

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