After the US-Mexico Tariff Attack! 50% Duty on India and Other Nations

Mexico ने अमेरिका के ट्रेड वॉर के बाद भारत समेत कई देशों पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जो वैश्विक व्यापार को नई चुनौतियां दे रहा है।
Mexico का यह कदम मुख्य रूप से चीन, भारत और अन्य एशियाई देशों के आयात पर केंद्रित है, जिसमें कारें, स्टील, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री और फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि मैक्सिको भारत से बढ़ते निर्यात को रोकना चाहता है। यह US-Mexico-Canada Agreement (USMCA) के दबाव में लिया गया निर्णय है, जहां अमेरिका ने मैक्सिको को चीन के सस्ते सामान रोकने को कहा।
world Trade- war का नया चरण
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही Mexico और EU पर 30% टैरिफ की घोषणा की थी, जिसके जवाब में मैक्सिको ने एशियाई आयात पर जवाबी कार्रवाई की। Mexico की सीनेट ने 10 दिसंबर 2025 को इस बिल को मंजूरी दी, जिसमें 1371 उत्पाद श्रेणियों पर टैरिफ बढ़ाया गया। इससे वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो सकती है, खासकर ऑटो पार्ट्स और स्टील में।
भारत के लिए रणनीतियां
भारत को मैक्सिको के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की जरूरत है ताकि टैरिफ से बचा जा सके। वर्तमान में भारत-मैक्सिको व्यापार $10 बिलियन से ऊपर है, लेकिन टैरिफ से निर्यात 20-30% गिर सकता है। सरकार को FTA वार्ता तेज करनी चाहिए और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना होगा।
अन्य प्रभावित क्षेत्र
इस टैरिफ से भारत के टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर सबसे ज्यादा चोट खाएंगे, क्योंकि मैक्सिको इन उत्पादों का बड़ा बाजार है। छोटे निर्यातक व्यवसायों को वैकल्पिक बाजार जैसे ब्राजील या यूरोप की तलाश करनी होगी। लंबे समय में यह भारतीय कंपनियों को मैक्सिको में लोकल प्लांट लगाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
विशेषज्ञ विश्लेषण
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह USMCA समझौते का प्रत्यक्ष परिणाम है, जहां अमेरिका ने मैक्सिको को चीन के सस्ते आयात रोकने का दबाव डाला। भारत को इसी तरह के दबाव से बचने के लिए RCEP या CPTPP जैसे बहुपक्षीय समझौतों पर फोकस करना चाहिए। इससे न केवल टैरिफ बचेगा, बल्कि नई निर्यात संभावनाएं भी खुलेंगी।
भारतीय उद्योगों की प्रतिक्रिया
- ऑटो सेक्टर: टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियां मैक्सिको निर्यात पर ब्रेक लगा रही हैं, वैकल्पिक रूप से US मार्केट पर जोर।
- फार्मा: सन फार्मा और डॉ. रेड्डी को जेनेरिक दवाओं के निर्यात में 15-20% नुकसान का अनुमान।
- स्टील: जिंदल स्टील ने मैक्सिको शिपमेंट रोक दिए, अब दक्षिण अमेरिका पर नजर।
आगे की रणनीतियां
सरकार को मैक्सिको के साथ तत्काल व्यापार वार्ता शुरू करनी चाहिए और निर्यात सब्सिडी बढ़ानी होगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Amazon Mexico पर फोकस करके छोटे व्यवसाय टैरिफ प्रभाव कम कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह संकट अवसर भी ला सकता है यदि भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करे।
- After the US-Mexico Tariff Attack
- US-Mexico-Canada Agreement (USMCA)
- world Trade- war
- Amazon Mexico
- mexico news today
- Mexico 50% import tariffs 2025
- Sheinbaum China tariffs
- मैक्सिको टैरिफ भारत 2025
- मैक्सिको 50% आयात शुल्क
- मैक्सिको ट्रेड वॉर न्यूज
- भारत मैक्सिको टैरिफ प्रभाव
- मैक्सिको चीन कार टैरिफ
- शीनबाउम टैरिफ बढ़ोतरी
- मैक्सिको स्टील टेक्सटाइल टैरिफ
Also visit : Italy की PM Giorgia Meloni ने PM मोदी को बुलाया, प्रधानमंत्री ने न्योते को स्वीकार किया (2025)






