आज है Russia Ukraine War का त्रेपनवाँ दिन

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आज है रूस यूक्रेन युद्ध का त्रेपनवाँ दिन. यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार जारी है और यूक्रेन की नहीं झुकने की जिद भी लगातार जारी है. यूक्रेन का भारी नुक्सान हुआ है और उसके बहुत से शहर खंडहरों में तब्दील हो गए हैं लेकिन दोनों ही पक्षों में से किसी ने भी युद्ध विराम की दिशा में पहल नहीं की है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के पहले दिन से अभी तक याने 24 फरवरी से अब तक 550 बच्चे यूक्रेन में मारे गए हैं या घायल हुए हैं. ये जानकारी राजधानी कीव में स्थित अमेरिकी दूतावास ने दी है.

आज रूस-यूक्रेन युद्ध अपने 53 वें दिन में प्रवेश कर चुका है और ऐसे में कीव स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक खबर की पुष्टि की है और बताया है की यूक्रेन पर रूस के विशेष सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 550 से अधिक यूक्रेनी बच्चे मारे गए हैं या घायल हुए हैं.

ये जानकारी अमरीकी दूतावास ने ट्विटर पर दी है और आगे बताया है कि 24 फरवरी से, रूसी सेना ने यूक्रेन में जो हमला किया है उसके दौरान उन्होंने यूक्रेन में न सिर्फ बमबारी और गोलाबारी की है बल्कि नागरिकों पर भी हमला किया है, उनके साथ बलात्कार किया है और बहुत से नागरिकों की हत्या भी की है.

इसके अलावा, यह दावा ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन में यूरोपीय संघ (ईयू) का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा हुआ है और वहां हुए युद्ध-अपराध की जांच कर रहा है. इस टीम के के प्रमुख मैटी मासिकस ने रूस पर यूक्रेनी बच्चों के अपहरण का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं उन्होंने इसे “एक और सनकी” और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का भयानक उल्लंघन करार दिया है। यूक्रेन में यूरोपीय संघ के दूत ने ट्विटर पर कहा, “यूक्रेन के पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, स्थानीय अधिकारियों, अन्य नागरिकों पर हमला करने के साथ ही अब रूसी सैनिकों ने यूक्रेनी बच्चों का अपहरण करना शुरू कर दिया है।”

यूक्रेन ने रूस पर यूक्रेनी बच्चों के अपहरण का आरोप लगाया है. और उसका कहना है कि रूस ने बच्चों का यह अपहरण बड़े स्तर पर किया है. इस बारे में जानकारी देते हुए यूक्रेन के लोकपाल ल्यूडमिला डेनिसोवा ने बताया कि लगभग 130,000 बच्चों को जबरदस्ती रूस ले जाया गया है.

इसके समानांतर ही रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लाखों यूक्रेनी नागरिकों ने देश से पलायन किया है और आसपास के देशों में शरण ली है. फिलहाल जर्मनी ने ट्रेन से यूक्रेनी शरणार्थियों के आगमन में 70% की गिरावट दर्ज की है.
हालिया गिनती के अनुसार 24 फरवरी से अब तक यूक्रेन के 1,982 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और वहीं 2,651 गागरिक घायल हुए हैं: ये जानकारी संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के द्वारा दी गई है. हालांकि अभी इन आंकड़ों की पुष्टि होनी बाकी है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) का मानना है कि युद्ध के नुकसान अधिक होंगे। यहां ये बताना भी महत्वपूर्ण होगा कि यूक्रेन के प्रमुख शहर युद्ध से बुरी तरह पीड़ित हुए हैं जिनमें डोनेट्स्क क्षेत्र का मारियुपोल क्षेत्र, खार्किव में इज़ियम, लुहान्स्क क्षेत्र में पोपासना, साथ ही यूक्रेन की राजधानी कीव में बोरोडिएंका बुरी तरह तहसनहस हुए हैं.

एक बयान में, ओएचसीएचआर ने जोर देकर कहा कि अधिकांश यूक्रेनियाई लोगों की मौत यूक्रेन में एक बड़े युद्ध पीड़ित क्षेत्र के भीतर हुए विस्फोटक हथियारों के उपयोग के कारण हुआ. यहां तोपों द्वारा भारी गोलाबारी हुई है, हवाई हमलों में बमबारी हुई है, बहुत से लांच किये गए राकेट और मिसाइलें गिरी हैं जिनसे निरपराध लोगों की जानें गई हैं. कुल मृतकों में से, ओएचसीएचआर का अनुमान है कि 511 पुरुष, 323 महिलाएं, 56 लड़के, 34 लड़कियां और 72 बच्चे मारे गए हैं। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 986 वयस्कों ऐसे भी हैं जो पुरुष हैं या महिला अभी तक पता नहीं है.

24 फरवरी से, दो युद्धरत राष्ट्रों के भयंकर संघर्ष के कारण लगभग पैंतालीस लाख लोगों को घर छोड़ना पड़ा है. अपनी सुरक्षा के लिए भागे हुए ये यूक्रेनी लोग अपने सभी पड़ोसी देशों में शरण पाने के लिए विवश हैं. संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के अनुसार, पोलैंड ने 2,720,622 यूक्रेनी शरणार्थियों को स्वीकार किया है जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भागे हुए हैं. इसी तरह 726,857 यूक्रेनियन रोमानिया भाग गए, जबकि 419,499 मोल्दोवा में शरण ली है.