आज हो गये 64 दिन पूरे Russia -Ukraine War के

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आज है रूस यूक्रेन युद्ध का चौसठवां दिन. काफी दिनों बाद अब फिर से व्लादिमीर पुतिन ने अपनी नाराज़गी जताई है. इस बार उन्होंने अपनी नाराज़गी यूक्रेन के खिलाफ नहीं बल्कि उन देशों के लिए जो यूक्रेन का युद्ध में सहयोग कर रहे हैं. पुतिन ने में पश्चिमी हस्तक्षेप के खिलाफ चितावनी दी और कहा कि यूक्रेन में अगर पश्चिम के देशों ने हस्तक्षेप किया तो रूस की ओर से ‘बिजली की तेजी से प्रतिक्रिया सामने आएगी.

सेंट पीटर्सबर्ग में सांसदों को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सैनिकअपने उद्देश्य के लिए सभी साधनों का उपयोग करेंगे – जिनके बारे में हम किसी तरह की डींग नहीं मारना चाहते.

ब्रिटेन के विदेश सचिव, लिज़ ट्रस ने कहा है कि यूक्रेन का संकट अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. जिसके कारण पश्चिमी देशों को अपना नज़रिया बदलना होगा. ट्रस ने पुतिन को “अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों में कोई दिलचस्पी नहीं रखने वाले हताश और दुष्ट युद्ध संचालक करार दिया और पश्चिम के देशों से कहा कि वे अपने अधिकतम हथियार बाहर निकालें क्योंकि अब हमें यूक्रेन के लिए अपने समर्थन को दोगुना करना होगा.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव, एंटोनियो गुटेरेस, मास्को में पुतिन और उनके विदेश मंत्री, सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर चुके हैं. इन मुलाकातों के बाद वे यूक्रेन पहुंचे और आज गुरूवार को वे यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे.
रूस ने चेतावनी दी है कि यदि यूरोपीय संघ के अन्य ग्राहक रूबल में भुगतान करने से इनकार करते हैं तो उन्हें रूसी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से काट दिया जाएगा. रूस ने ऐसा कर भी दिया है और अब वह पोलैंड और बुल्गारिया को गैस की आपूर्ति नहीं करेगा. यूरोप में इसे रूस का ब्लेकमेल कहा जा रहा है. पोलैंड ने कहा है कि रूस ने ऐसा करके पोलैंड पर “प्रत्यक्ष हमला” कर दिया है.

जहां व्हाइट हाउस ने रूसी कदम की जम कर आलोचना की वहीं वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी इसकी निंदा की . ज़ेलेन्स्की ने देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि रूस ने यूरोप के खिलाफ “ऊर्जा ब्लैकमेल” शुरू कर दिया है जिससे पता चलता है कि “यूरोप में कोई भी रूस के साथ किसी भी सामान्य आर्थिक सहयोग को बनाए रखने की उम्मीद नहीं कर सकता है”।

उधर मारियुपोल के युक्रेनी कमांडर ने बताया =है कि अज़ोवस्टल स्टील प्लांट में 600 से अधिक घायल नागरिक और लड़ाके भी वहां फंसे हुए हैं. कमांडर सेरही वोलिना ने कहा कि बच्चों सहित सैकड़ों नागरिक अस्वच्छ परिस्थितियों में वहां जी रहे हैं और उनको भोजन और पानी नहीं मिल पा रहा है.

पोलिश सेना के एक पूर्व प्रमुख ने बोरिस जॉनसन पर आरोप लगाया है कि वे “बुराई को लुभाने” का काम कर रहे हैं. उन्होंने यह खुलासा करते हुए बताया कि यूक्रेन के सैनिकों को पोलैंड में प्रशिक्षित किया जा रहा था ताकि वे ब्रिटिश विमान भेदी मिसाइलों का उपयोग सीख सकें. यूरोपीय आयोग ने रूस के साथ युद्ध के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को मदद करने के लिए एक प्रस्ताव दिया है जिसके अंतर्गत सभी यूक्रेनी उत्पादों पर आयात शुल्क रूकने का प्रस्ताव दिया है. यूरोपीय संसद और उसके 27 सदस्य राज्य इस विचार पर स्वीकृति दे कर एक साल के लिए आयात शुल्क को निलंबित कर देंगे.

पोलैंड और बल्गारिया के बाद अब ब्रिटेन पर भी रूस का ऐक्शन हो गया है. रूस ने ब्रिटेन पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. रूसी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के 287 सदस्यों पर “रसोफोबिक हिस्टीरिया कोड़ा मारने” का आरोप लगाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है. ब्रिटेन के प्रधान मंत्री, बोरिस जॉनसन ने कहा कि जिन सदस्यों पर रूस द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, ये तो हमारे सांसदों का सम्मान हुआ है.

रूस और ब्रिटेन के बीच इस तनातनी से जाहिर है कि रूस यूरोप पर भी अपने गुस्से का इजहार कर रहा है. ब्रिटेन युद्ध विराम की बजाये युद्ध में घी डालने का काम कर रहा है. ब्रिटेन खुद तो यूक्रेन को हथियारों से मदद कर रहा है बल्कि उसने यूरोप के दुसरे देशों से भी अपने बड़े बड़े हथियार निकाल कर यूक्रेन को देने की अपील कर दी है. ऐसे में लगता है कि अगर वर्ल्ड वार हुआ तो इसका ज़िम्मेदार ब्रिटेन होगा -रूस, यूक्रेन या अमेरिका नहीं.

अब तक रूस के हमले के बाद से इस युद्ध में यूक्रेन को हुआ कुल नुकसान 600 अरब डॉलर का हो गया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने ये जानकारी देते हुए कहा कि न जाने कितने रहने वाले इलाके और लगभग डेढ़ हज़ार से ज्या शैक्षिक संस्थान और 350 से अधिक चिकित्सा केंद्र अब तक या तो नष्ट हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं. उनके अनुसार इस युद्ध में अब तक यूक्रेन की “लगभग 2,500 किमी सड़कें और लगभग 300 पुल बर्बाद हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं.