Lovlina Borgohain: अब भारत को दिलाया अगला पदक लवलीना ने

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नारी शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण हमारे भारतवर्ष की महिलाओं ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में दे दिया है. सबसे पहला पदक भारत की मीराबाई चानू ने दिलाया दूसरा पदक पीवी सिंधु ने और आज बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन ने तीसरा कांस्य पदक दिलाया.
टोक्यो ओलंपिक के महिला वेल्टरवेट वर्ग (69 किग्रा) के सेमीफाइनल स्पर्धा में तुर्की की विश्व चैंपियन रह चुकी बुसेनाज सुरमेनेली के समक्ष हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कास्य पदक अपने देश के नाम कर भारत को टोक्ये ओलंपिक में तीसरा पदक दिलाया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लवलीना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए ट्वीट में कहा कि “बहुत शानदार मुकाबला किया लवलीना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग रिंग में उनकी सफलता कई भारतीयों को प्रेरित करती है.उनकी दृढ़ता और संकल्प प्रशंसनीय है. कांस्य पदक जीतने पर उन्हें बधाई. भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं.”
शुक्रवार को 64-69 किलो भारवर्ग प्रतिस्पर्धा में चीनी ताइपे की नीन-चिन चेन को 4-1 से मात दे कर सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली थी. टोक्यो ओलंपिक 2021 में सेमीफाईनल में बुुधवार को लवलीना का सामना तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली से हुआ और कांस्य पदक जीतकर देश का गैरव बढ़ाने वाली तीसरी महिला खिलाड़ी रहीं.
भारत के लिये ये गर्व का विषय है जहाँ पुरूष हॉकी में हमारे खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा वहीं महिला हॉकी में भारत को सेमीफाईनल में पहुँचा दिया.इस बार हमारी जांबाज़ महिला खिलाड़ियों ने भारत को सफलता का सेहरा पहनाया है जिसमें पुरूष खिलाड़ी अब तक असफल रहे हैं. संभावना बिल्कुल पक्की होती नज़र आ रही है कि भारत के खाते में चौथा मेडल जल्द ही आने वाला है.
क्वॉर्टर फाइनल के प्रारंभ से ही लवलीना की मैच पर पकड़ मजबूत रही और चीनी ताईपे की नीन-चीन-चेन पर अपनी दमदार पंचों से दबाव बनाये रखा. लंबे कद की होने के कारण भी वे अपने प्रतिस्पर्धी ताईपे पर भारी पड़ी. लवलीना (23 वर्षीय)असम की रहने वाली हैं. भारत के लिए खुशियों का उपहार लाने वाली ये तीसरी महिला खिलाड़ी हैं जिसने स्मीफाईनल में भी एक और मेडल पाने की संभावना को तीव्र कर दिया था.
सेमीफाईनल में लवलीना ने बुधवार कांस्य पदक हासिल किया. मुक्केबाज़ी में ओलंपिक में जीतने वाली ये तीसरी खिलाड़ी हैं. भारत को मीराबाई चानू के पदक जीतने के पश्चात प्रतीक्षा थी दूसरे मेडल की जिसे पीवी सिंधु ने 1 अगस्त को बैडमिंटन स्पर्धा जीतकर और लवलीना ने मुक्केबाज़ी में जीत हासिल कर सफल बनाया.
गुरुवार को भारत को ज़ोरदार झटका तब लगा जब छह बार की विश्व चैंपियन रह चुकी मैरी कॉम को 51 किग्रा फ्लाईवेट वर्ग की प्रतिस्पर्धा में (प्री क्वार्टर फाइनल) अपने प्रतिद्वंदी इंग्रिट वलेंसिया से हार गई परन्तु जजों के निर्णय पर मैरी कॉम हतप्रभ थीं.
बैडमिंटन सितारा पीवी सिंधु ने रविवार को टोक्यो ओलंपिक में चीन की जियाओ हे बिंग को परासित कर भारत को ब्रॉन्ज मेडल जीता कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. पहले भी दो ओलंपिक पदक जीतने वाली वे पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. उन्होंने चीनी खिलाड़ी बिंग को 21-13, और 21-15 से पराजित किया.
लवलीना के कांस्य पदक जीतने से पूरे देश को उन पर गर्व है. उन्होंन क्वार्टर फाईनल में चीनी ताईपे की नीन-चिन चेन को तीनों राउंड हार का ठेंगा दिखाया. तीनों दफा पर लवलीना ही नीन-चीन चेन से बेहतर रहीं.!बॉक्सिंग में भारत के विजेंदर सिंह ने 2008 बीजिंग ओलंपिक और मैरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक अपने देश भारत के नाम कर चुके हैं . अब सबकी नज़रें गड़ी हैं महिला हॉकी टीम पर किे वह भारत के लिये रजत और स्वर्ण पदक पर अपना कब्ज़ा कैसे जमाती हैं. यदि ऐसा हो गया तो भारत के लिये ये एक स्वर्णिम इतिहास से कमतर नही होगा.

 

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