AC का आराम कर देता है काम तमाम.

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आज की ज़िंदगी में हमारी भागदौड़ जितनी बढ़ गई है उतनी ही हमको आराम की जरूरत भी पड़ गई है. और आजकल आराम भी पूरा ही आराम होता है. अगर गर्मी के दिन हों और हम आराम करने बैठें तो हमारे कक्ष में ऐसी तो चलना पक्की बात है. ये बात अलग है कि किसी मजबूरी में यदि ऐसी न हो तो हम पंखे से काम चला लेते हैं. देखा जाए तो यही बेहतर है कि हम पंखें से काम चला लें और ऐसी की आदत न डालें क्योंकि ऐसी का आराम कर देता है काम तमाम.

धूप से आएं अथवा मेहनत करें तो शरीर में गर्मी पैदा होती है. सीधी सी बात है शरीर की गर्मी प्राकृतिक प्रतिक्रिया है हमारे शरीर की. इस गर्मी को शांत करने के लिए यदि हम प्राकृतिक साधन न अपनाएँ अउ कृत्रिम साधनों से इसे शांत करने का प्रयास करते हैं तो शरीर उसे स्वीकार नहीं करता है. और शरीर को लगता है कि उसके साथ जबरदस्ती हो रही है ऐसे में वह ऊपर से इसे स्वीकारने को मजबूर तो होता है किन्तु इसे अंदर स्वीकार नहीं कर पाता है. इस कारण शरीर में AC से जाने वाली सर्दी के कारण अनेक प्रकार की शरीर की विरोधी प्रतिक्रियाएं होती हैं जो हमें बाद में पता चलती हैं जब ये तरह तरह की बीमारियों के रूप में सामने आती है.

ऐसे में ध्यान रखिये यदि आप एसी में रोज बैठते हैं कुछ बातों को अच्छी तरह समझ लीजिये. कई घंटे तक AC में लगातार बैठना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं है. जहां एसी की हवा से हमको ठंडक मिलती है वहीं वहीं इसके बहुत से नुकसान भी हैं.

सबसे पहले तो आप ये समझ लीजिये कि एयर कंडीशनर के इस्तेमाल से मोटापा बढ़ता है. इसका कारण ये है कि ठंडी जगह पर हमारे शरीर की ऊर्जा को खर्च होने का अवसर नहीं मिलता और इसके कारण शरीर की चर्बी बढ़ती है।

लंबे समय तक एसी में रहने से आपको एक समस्या ये भी हो सकती है कि धीरे-धीरे आपको थकान महसूस होने लग सकती है. यदि आप इसके अलावा AC का तापमान कम कर देते हैं या कम रखते हैं तो धीरे धीरे आपको सिरदर्द और चिड़चिड़ाहट भी महसूस हो सकता है. सबसे बड़ा खतरा ये भी है कि अगर आप एसी से निकलकर सामान्य तापमान या गर्म स्थान पर जाते हैं तो हो सकता है आपको ऐसा बुखार हो जाए कि आप लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहें.

यह तथ्य है जो आमतौर पर लोग नहीं जानते कि ऐरकण्डीशन का तापमान बहुत कम होने पर मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं. ऐसा होने से मस्तिष्क की क्षमता प्रभावित होती है और उसकी क्रियाशीलता कम हो जाती है. इतना ही नहीं इसके बाद आप लगातार चक्कर आने की समस्या से भी पीड़ित सकते हैं.

एसी का नुकसान आपकी त्वचा पर भी नज़र आ सकता है. यह आपकी त्वचा की प्राकृतिक नमी को सोख लेता है जिसके कारण हमें त्वचा में रूखापन महसूस होने लगता है.

अगर हम रोज़ लगातार एसी के कम तापमान में बैठे रहते हैं तो हमारे घुटनों में समस्या पैदा हो जाती है. इतना ही नहीं हमारे शरीर के सभी जोड़ों में भी दर्द शुरू होने लगता है और फिर धीरे-धीरे जोड़ों में अकड़न भी पैदा होने लगती है. इससे हमारे शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है.

इसलिए कुल मिला कर हम कह यह सकते हैं कि बीमार हो कर डॉक्टर्स की दवाइयों पर निर्भर हो जाने से बेहतर है कि हम ऐसी स्थिति ही न आने दें. इसलिए या तो AC में आप बैठना बंद कर दें या फिर ज्यादा लम्बे समय तक AC में न बैठें. याद रखिये, प्राकृतिक जीवन ही वास्तविक जीवन है.