Afghanistan: अफगानी गद्दी पर जाहिल Taliban

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
तालिबानियों की सनक मिजाज़ी दुनिया जानती है लेकिन जान बचाने की कीमत पैसे हो सकते हैं ये तो सुना है आज के युग में परन्तु आत्मसुरक्षा हेतु विवाह का विकल्प चौंकाने और डराने वाला भी है. जी हाँ तालिबान के अजीबों-गरीब नियम कानून और सनक मिजाज़ से तो सारी दुनिया वाकिफ है. अभी काबुल हवाई अड्डे से तालिबानी हुकुमत के भय से त्रस्त पलायन करते अफगानियों पर तालिबान ने एक नया कानून लागू कर दिया है कि वे महिलाएँ काबुल से बाहर नहीं जा सकती जिनके साथ कोई पुरूष न हो.

अजीबों-गरीब शर्त

अब उन्हें रेसक्यू होने के लिये विवाह करने के लिये मजबूर किया जा रहा है. आपको जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि उन पर इस प्रकार का दबाव डालने वाला स्वयं उनका ही परिवार है. ये परिवार अपनी लड़कियों का विवाह ऐसे पुरुषों से कराने के लिये पैसे भी स्वयं ही दे रहे हैं जो काबुल से बाहर जा रहे हैं. अब आप ही बताये ये सच है ना डराने और चौंकाने वाला.

तालिबान कथनी और करनी में अंतर

काबुल प्रशासन कहता कुछ करता कुछ है ये भी सर्वविदित है. जितने बयान तालिबानी प्रशासकों ने मीडिया के सम्मुख दिये केवल झूठा ढोंग था. तालिबानियों का अफगानी महिलाओं पर इस प्रकार का दबाव अफगानों को बाध्य कर रहा है ऐसे जाहिलाना कदम उठाने पर. तालिबानी जहालत का परिचय तो इसी मानसिकता से मिल जाता है कि लड़कियों को घर में नज़रबंद रखा जाये उन्हें स्कूल, मदरसों में शिक्षा प्राप्त करने न भेजा जाये. महिलाएँ नही गाय-भैंस हो गई. आज के आधुनिक युग में ऐसी पिछड़ी और दकियानूसी सोच का अनुसरण बस एक ही कौम कर सकती है जिसे सभी इस्लामी देशों का समर्थन भी हासिल है. मज़े की बात है कि चीन और अमेरिका भी ऐसे कौम की चाटुरिकता में शामिल हो गये हैं जबकि चीन अपने देश में उईघरों को धमका रहा है. चीन कभी घाटे का सौदा नही करता ये सभी जानते हैं. कुछ न कुछ इन मंदबुद्धि तालिबानियों से हथियार ही लेगा परन्तु अमेरिका का इस प्रकार कदम पीछे खींच लेना सोच में डाल रहा है.

अमेरिका ने उठाया ठोस कदम

ध्यान देने वाली बात ये भी है कि अफगानिस्तान से इस प्रकार से पलायन के उपायों को लेकर संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा खतरे का हूटर दबा दिया गया है. यूएई को ऐसे मामलों की छानबीन अमेरिकी राजनियकों द्वारा किये जाने की आशा जगाई जा रही है जिस प्रकार अफगानी महिलाओं के तहत मानव तस्करी का प्रयास किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग ने ये दावा किया है कि वह इस पर होमलैंड सिक्योरिटी और रक्षा विभाग के साथ बात करेगा.

सरफिरा प्रशासक तालिबान

जिस प्रकार तालिबान की तानाशाही डेडलाईन के तहत अमेरिकी सैनिकों ने 31 अगस्त को अफगानिस्तान की सरजमीं को अपनी 20 वर्षीय सैन्यबल सुरक्षा से रिटायरमेंट ली.उसके पश्चात तालिबान ने स्वयं को विजेता घोषित कर दिया. एक ऐसा विजेता, एक ऐसा सिरफिरा प्रशासक जिसमें महिला़एँ और बच्चे बिल्कुल भी सुरक्षित नही.

असुरक्षित महिलाओं पर तालिबानी कहर

काबुल एअरपोर्ट से यात्रा करने पर तालिबानी तानाशाहों ने प्रतिबंध लगा दिया है जिन महिलाओं के साथ पुरुष सदस्य नहीं हैं. कुछ निजी समूह जिन्होंने अफगानी नागरिक को काबुल से बाहर निकलने में सहायता की अबअफगानियों को ये दे रहे हैं कि वे देश की सीमाओं तक पहुंचने का प्रयास न करें तब तक जब तक कि तालिबानी प्रशासन उनका पीछा कर रहा है.