AIIMS के डॉक्टरों ने Diabetes कंट्रोल के लिए खोजी बड़ी बात, Sugar कम करने का मिला कारगर तरीका

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
डायबीटिज़ के रोगियों के लिए दिल्ली के AIMS यानी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से राहत की खबर आई है. एम्स के डॉक्टरों ने अपने अध्ययन (AIMS) में ये दावा किया है कि आयुर्वेदिक औषधि ‘बीजीआर-34’ (BGR-34) के साथ एलोपैथिक दवा ‘ग्लीबेनक्लामाइड’ का इस्तेमाल मधुमेह (Diabetes) को कंट्रोल करने में कारगर साबित हो सकती है.

शुगर रोगियों को अधिक खतरा

दिल्ली (Delhi) एम्स के डॉक्टरों के अध्ययन (AIIMS Study) के अंतरिम नतीजों में यह कहा गया है कि मधुमेह से ग्रसित लोगों में कोरोना संक्रमति होने पर ज्यादा खतरा रहता है. वहीं डायबीटिज़ के रोगियों में हार्ट और किडनी समेत दूसरी बीमारियों से पीड़ित होने की आशंका दो से चार गुना रहती है.

ये है कारगर दवाई

एम्स के डॉक्टरों ने जंतु प्रायोगिक अध्ययन के अंतरिम विश्लेषण में पाया है कि मधुमेह के बढ़ने की गति को रोकने के लिए हर्बल औषधि बीजीआर-34 के साथ एलोपैथिक दवा का कॉम्बिनेशन कारगर साबित हो सकता है. हर्बल औषधि  में ‘एंटीऑक्सीडेंट’ के गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को हार्ट की धमनियों में जमा नहीं होने देता है.

कांबिनेशन अधिक लाभदायक

बीजीआर-34 को एलोपैथिक दवा के साथ इस्तेमाल किए जाने पर उसकी प्रभाव क्षमता का पता लगाने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने अध्ययन में शामिल लोगों के एक समूह को आयुर्वेदिक औषधि और एलोपैथिक दवा ग्लीबेनक्लामाइड अलग-अलग दी, जबकि दूसरे समूह को दोनों दवाइयां मिला कर दी गई. अध्ययन में पाया गया कि दोनों दवाइयों का एक साथ इस्तेमाल करने वाले लोगों का इंसुलिन का स्तर उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया, जिन्हें केवल एलोपैथिक दवा दी गई थी.

पहले हुआ गहन शोध

हिमालय के ऊपरी क्षेत्र में पाई जाने वाली जड़ी बूटियों- विजयसार, गिलोई, मेथिका आदि के गुणों पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की लखनऊ स्थित दो प्रयोगशालाओं में गहन अनुसंधान करने के बाद बीजीआर-34 बनाई गई है.

हर्बल औषधि है अधिक अहम

आयुर्वेद में मधमेह के कारगर इलाज का दावा किया जाता है. देश में पंतजली, बैद्यनाथ, डाबर, स्वदेशी और तमाम अन्य आयुर्वैदिक फॉर्मेसी मधुमेह के इलाज की दवाएं बनाती हैं. तेहरान यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने भी अपनी स्टडी में ये दावा किया था कि हर्बल औषधि में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की वजह से मधुमेह के मरीज़ों में कोरोना का खतरा कम किया जा सकता है. ऐसे में बीजीआर 34 और एलोपैथिक दवा ‘ग्लीबेनक्लामाइड’ के कॉम्बिनेशन की वजह से डायबीटिज़ के रोगियों में शुगर लेवल कम करने की उम्मीद जगी है.