ऐसे बनाइये अपने Birthday को और भी प्यारा

जन्म दिवस ऐसा मनाइये कि वह यादगार बन जाये ताकि उसका दुहरा मज़ा आये. एक तो जन्मदिवस मनाते समय और एक बाद में उसको याद करते समय ज़िन्दगी भर. हम स्वाभाविक रूप से आलसी हो जाते हैं कुछ चीज़ों में और जन्मदिवस जैसे आनंद दिवस पर भी उसको यादगार बनाने की योजना पर ध्यान नहीं देते. किन्तु स्मरण रहे कि जीवन का सनातन आनंद जीवन के क्षणों से अधिक जीवन की स्मृतियों में बहता है.

यादगार कैसे बनाएं

बहुत आसान है किसी भी काम अथवा अवसर को यादगार बनाना. यादगार बनाने का अर्थ है किसी क्षण को ऐतिहासिक बना देना..किसी अवसर को अमर कर देना. आप स्वयं भी एक नहीं अनंत ऐसे तरीके सोच सकते हैं जो आपके प्रत्येक आनंद दिवस को अमर कर दें चाहे वो आपके माता-पिता का जन्म दिवस हो अथवा आपकी पत्नी का, पुत्र-पुत्री का या प्रियतमा का. और यदि इसमें आपको हमारी सहायता चाहिए तो इस आलेख को आगे पढ़ें और इसके उपरान्त भी हमें आप सदा ही संपर्क कर सकते हैं किसी विशेष व्यक्ति अथवा अवसर के आनंद दिवस को ऐतिहासिक बनाने की योजना प्रदान करने का सहयोग देने में.

आनंद को चौगुना कर दीजिये

स्मरण रहे कि आनंद स्वार्थी तब हो जाता है जब वह आपका ही निजी आनंद बन कर रह जाए और आनंद अमर तब हो जाता है जब उसमे आपके आसपास सभी को आनंदित करने की क्षमता आ जाए. आपके आसपास आपके परिवारजन हैं आपके पड़ोसी हैं मित्र हैं और आगे जा कर आपके संबंधी भी. ज्यों-ज्यों और जैसे जैसे आप आनंद का दायरा बढ़ाते जाएंगे आपका आनंद वास्तविक भी होता जाएगा और स्मरणीय भी. जो भी आनंद दिवस हो जो भी प्रयोजन हो -आप उस दिन परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को आनंद प्रदान कीजिये. कोई न कोई छोटा या बड़ा उपहार सभी को दीजिये. सबके चेहरों पर उनके हृदय की मुस्कान आपको हर्षित भी करेगी और उल्लसित भी.

परिवार से भी थोड़ा आगे बढ़ा जा सकता है

यह विकल्प आपका निजी विकल्प होगा और हम कहेंगे कि जहां तक यह आपकी क्षमता को और प्रसन्नता को स्वीकार्य होगा वहां तक ही आप इसे अपनाइये. अपने उन पड़ोसियों को जो आपके साथ हर अच्छे और बुरे वक्त पर खड़े होते हैं – सादर आमंत्रित करें उनके घर पर जा कर. अपने उन मित्रों को जो आपका साथ निभाते हैं उनको भी व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करें प्रसन्नतापूर्वक और इसी तरह वे संबंधी जो आपके प्रति सत्यनिष्ठ और स्नेही हैं – उन्हें भी स्नेहपूर्वक आमंत्रित करें. इन सभी आमंत्रित लोगों से आप पूछ भी सकते हैं कि भोजन में उन्हें क्या प्रिय है और उनकी रूचि के व्यंजन आप इस आनंद दिवस के अवसर पर बना सकते हैं जो उनके लिए चिर स्मरणीय हो जाएगा.

बच्चे मन के सच्चे

यह विचार भी आपका अपना विकल्प होगा, आपको रुचे तो कीजिये न रुचे तो इच्छा आपकी. इस दिन मोहल्ले के आसपास भटकते गरीब बच्चे या आपके मुहल्ले में काम करने वाली कामवालियों के बच्चे या पास की झुग्गी-झपड़ी के बच्चों को आप अपना विशेष अतिथि बना सकते हैं इस आनंद दिवस पर और उनके साथ आप अपना आनंद बांटेंगे तो उनके चेहरे की प्रसन्नता आपके आनंद को चौगुना भी कर देगी और ऐतिहासिक भी बना देगी आपके इस आयोजन को.

वृद्धाश्रम और अनाथालय भी हैं विकल्प

अपने आनंद दिवस पर आप समीपस्थ वृद्धाश्रम अथवा अनाथालय में जा कर वहां भी अपना आयोजन कर सकते हैं. अपने बच्चों के लिए घर बनाने वाले घर से बाहर हो गए वृद्ध आपको हृदय से आशीष देंगे जो आपके जीवन को आगे भी आनंद से भरते रहेंगे..और ठीक ऐसे ही वे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं आपको देखेंगे आज अपने अजनबी माता-पिता के रूप में और आपसे मिलने वाले इस आनंद को उनका बालक मन सराहेगा तो ईश्वर की कृपा पहुंचेगी आप तक. सोच लीजिये. ये सब बातें यदि आपकी समझ में आती हैं तो अवश्य ऐसा ही कीजिये.

सबसे पहले सबसे विशेष

हैप्पी बर्थडे टू यू बहुत गा लिया हमने अब हम अपनी भाषा में अपने आनंद दिवस को खुशियों के रंग में रंगेंगे. हम हिंदी में गा सकते हैं, अपना गाना बना सकते हैं और हैप्पी बर्थडे टू यू की धुन में गा सकते हैं. वरना आप गाना हमसे भी ले सकते हैं और अथवा संस्कृत में भी गा सकते हैं जो आपको यूट्यूब पर मिल जाएगा. या फिर शुभ जन्मदिवसम ..जी..जीवेम शरदः शतम …जी – इन शब्दों को हैप्पी बर्थडे टू यू की धुन पर गा सकते हैं..और तब इसमें आपके इमोशंस भी इन्वॉल्व हो जाएंगे पहली बार और इन पंक्तियों को गाते समय वे आपके चेहरे पर नज़र भी आएंगे.