America का ‘गन’तंत्र उसके लिये ही खतरा है

अमेरिका के लोकतंत्र में, “गन तंत्र” बना नौनिहालों की की जान का दुश्मन  – ये आतंकी हमले नहीं हैं मगर उनसे कम भी नहीं हैं – अमेरिका को आत्मनिरीक्षण करना होगा, 230 वर्ष पुराना कानून बदलना पड़ेगा.

मंगलवार 24 मई,2022 को अमेरिका के टेक्सास में 18 वर्ष के एक युवा Salvador Ramos ने पहले अपनी दादी को गोली मारी और फिर एक स्कूल में जा कर 18 छोटी क्लास के बच्चों और 2 अध्यापकों को मौत के घाट उतार दिया.

कैसी विकृत मानसिकता है, कैसा दिमागी फितूर है जो नौनिहालों की हत्या करके व्यक्ति खुश होता है – ये किस तरह के पागलपन की निशानी है.

24 मई, 2022 तक इस वर्ष में 27 गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं अमेरिका में जिनमे 140 लोग मर चुके हैं और 2021 में 103 लोग मरे थे – 2009 से 274 घटनाओं में अब तक 1536 लोग मारे जा चुके हैं.

अमेरिका में ऐसी गोलीबारी का एक फैशन सा बन चुका है और कई बार स्कूल के बच्चे ही शिकार बनते हैं – देश का भविष्य कहे जाने वाले मासूम ही मसल दिए जाते हैं.

ये तकनीकी रूप से आतंकी हमले नहीं कहे जाते मगर ये आतंकवादी हमलों से कम भी नहीं हैं -अमेरिकी प्रशासन इन पर रोक लगाने में फेल है.

और अमेरिकी प्रशाशन के विफल होने का मुख्य कारण है अमेरिका में  “The right to keep and bear arms in the United States is a fundamental right”

ये अधिकार आत्मरक्षा के लिए 1787 के कानून (जिसे The Second Amendment कहते हैं) में मौलिक अधिकार के रूप में दिया जो 1791 में लागू हुआ (यानि 230 वर्ष पहले) – ये कहता है.

“A well regulated Militia, being necessary to the security of a free State, the right of the people to keep and bear Arms, shall not be infringed”

अमेरिकी नागरिक सेना (Militia) को ये हथियार रखने का अधिकार ब्रिटिश लोगों के अत्याचारों से बचाव करने के दिया गया था.

लेकिन आज ये अधिकार निर्दोष लोगों और निरीह बच्चों की निर्मम हत्या के लिए प्रयोग हो रहा है –230 वर्ष बाद इस अधिकार की प्रासंगिकता पर अब प्रश्नचिन्ह लग चुका है और अमेरिका को गहन विचार करना होगा कि क्या इस कानून को रद्द करना उचित नहीं है.

ये कानून वर्तमान में मानवाधिकारों के विरुद्ध है कम से कम आज के प्रारूप में –दुनियां भर को मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिका को अपने ही देश के लिए इस पर चिंतन करना चाहिए.