धूमकेतू की वजह से दिल्ली-NCR में आया भूकंप?

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साल 2020 धरती की धड़कनें बढ़ाने का काम कर रहा है. कोरोना महामारी, तूफानों का सिलसिला, भूकंप की थरथराहट के साथ ही अंतरिक्ष में अब उल्का पिंडों का खतरा बढ़ता जा रहा है. 6 जून की तारीख धरती के लिए बेहद खास है. इस दिन एक फुटबॉल स्टेडियम जितना बड़ा धूमकेतु धरती के करीब से गुज़रने वाला है.

हालांकि वैज्ञानिकों ने भरोसा जताया है कि ये धूमकेतू धरती से नहीं टकराएगा लेकिन आशंकाओं और विश्वास के बीच सेकंड के हज़ार हिस्से का ही फर्क होता है. वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड को 2002 एनएन 4 नाम दिया है. यह 20 हज़ार मील प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की तरफ बढ़ रहा है.और दूसरे क्षुद्रग्रहों से लगभग 90 प्रतिशत बड़ा है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ऐसे पांच उल्का पिंड (asteroid) की पहचान की है, जो तेज़ी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहे हैं. इनमें तीन उल्का पिंड 3 जून को पृथ्वी के करीब से गुजर गए. अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के अनुसार अगर एक भी धूमकेतू धरती की कक्षा में दाखिल हो जाता तो फिर उस तबाही की कल्पना नहीं की जा सकती थी.एस्टेरॉयड के आसमान में फटने के कारण एक बड़ी मुसीबत टल गई.

लेकिन कुछ वैज्ञानिक दिल्ली-एनसीआर में आए 3.2 तीव्रता के भूकंप को इस घटना से जोड़कर देख रहे हैं. एक महीने में तकरीबन 10 बार दिल्ली-NCR की ज़मीन हिली है. भूकंप के झटकों से लोग बेहद डर गए हैं क्योंकि बार बार आते झटकों के पीछे की वजह डरावनी लग रही है.

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