Baba Ramdev: अब आज उत्तराखंड में साजिश बाबा की गिरफ्तारी की

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
ऐसा नहीं है कि बाबा रामदेव से विरोध की चिंगारी भड़क कर अब बुझ गई है, बाबा के तिलमिलाये विरोधी लगातार इस साजिश में लगे हुए हैं कि किस तरह बाबा रामदेव की गिरफ्तारी करा के वे अपने वैमनस्य की आग को शान्ति प्रदान कर सकें. अब इस साजिश का अगला चरण उत्तराखंड में देखा जाएगा आज मंगलवार को अर्थात 1 जून 2021 को.

बाबा ने खेद जता दिया है

पहले ही बाबा रामदेव ने अपने वक्तव्य के लिए अफ़सोस जता दिया है. इतने पर भी साजिशकर्ताओं को चैन नहीं है. पहले सोचा ये गया था कि यदि बाबा अपने वक्तव्य को खेद सहित वापस नहीं ले लेते तो बाबा के ऊपर करोड़ों की क्षतिपूर्ति का मुकदमा किया जाएगा. बाबा शांतिप्रिय हैं, जानते हैं कि यदि सीधा युद्ध भी हो गया तो जीत उनकी ही होनी है क्योंकि देश उनके साध है, देश की जनता उनके साथ है. तदापि बाबा ने पहले तो अपना वक्तव्य वापस लिया जिससे एलोपैथी की तथाकथित मानहानि हो गई थी और अब उन्होंने अपनी बात पर खेद भी जता दिया है.

प्रधानमन्त्री से गिरफ्तारी की मांग होगी

प्रेम और नफरत दोनों में ही जंग जैसे हालात होते हैं अगर आपकी भावना प्रबल हो. आज बाबा के प्रति एलोपैथी के कुछ डॉक्टर्स में नफरत का भाव प्रबल है और उसके कारण बहुत सारे और बहुत बड़े हैं – जिनको लगातार सोशल मीडिया पर सामने लाया भी गया है. इन डॉक्टर्स की बाबा से इतनी जान जली हुई है कि ये बाबा को किसी भी तरह से कोई भी नुकसान पहुंचाने की मनोभावना से ग्रस्त दिखाई दे रहे हैं. अब इस नींद न आये चैन आये न वाली स्थति में फिर से साजिश की गई है कि आज मंगलवार 1 जून 2021 को उत्तराखंड में बाबा का बड़ा विरोध करेंगे और फिर प्रधानमन्त्री से बाबा की गिरफ्तारी की मांग करेंगे.

उतरेंगे एलोपैथी वाले सड़क पर

बाबा ने तो 25 प्रश्न पूछ कर शांति कर ली थी लेकिन इन प्रश्नों का जवाब देने में असफल रह कर उनके प्रबल शत्रुओं की नाक कट गई थी. इसलिये भी उनको चैन नहीं पड़ा और आपस में लगातार मीटिंग करके नये-नये उपायों की तलाश चल रही थी. अब इन ज्ञानियों को लगता है कि स्वामी रामदेव को दंड दिलाने का उपाय उनको मिल गया है. बस इस उपाय को तामील करने के लिये आज  मंगलवार को उत्तराखंड में कुछ गैर-सरकारी और सरकारी डॉक्टर्स काली पट्टी लगा कर सड़कों पर निकलेंगे और स्वामी रामदेव की गिरफ्तारी की मांग करेंगे. अब देखने वाली बात ये होगी बाबा को कष्टित करने के जोश से लबरेज इन ऐलोपैथी के ठेकेदारों को कितना समर्थन मिलता है. जो भी हो, इनको हमेशा याद रखना चाहिए ये देश एलोपैथी का देश नहीं है, ये देश आयुर्वेद का है, योग का है और स्वामी रामदेव का है !!

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति