Bangladesh Hindu Violence: लिंचिंग (lynchings) का शिकार हिंदू बांग्लादेश में बढ़ते हमले
बांग्लादेश में हिंदू हिंसा (Bangladesh Hindu Violence) ने दुनिया भर में चिंता की लहर दौड़ा दी है। ढाका से आने वाली ग्राउंड रिपोर्ट्स में लिंचिंग, मंदिरों पर हमले और हिंदू परिवारों का पलायन दिख रहा है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के लिए खतरनाक संकट पैदा कर रहा है।

हिंसा की बढ़ती घटनाएं
बांग्लादेश हिंदू हिंसा (Bangladesh Hindu Violence) का दौर 2024 के राजनीतिक उथल-पुथल के बाद तेज हो गया है। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद कट्टरपंथी तत्वों ने हिंदुओं को निशाना बनाया, जिसमें दीपू दास जैसे युवकों की लिंचिंग प्रमुख उदाहरण है। आजतक की रिपोर्ट्स बताती हैं कि सिलहेट, सुनमगंज और ढाका में 200 से ज्यादा हमले हो चुके हैं, जहां अफवाहों पर भीड़ हिंसा पर उतारू हो जाती है।

मुख्य कारण:
- इस्लामिस्ट ग्रुप्स का सत्ता के खालीपन का फायदा उठाना।
- सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाकर हिंदुओं को बदनाम करना।
- मंदिर जलाना, दुकानें लूटना और घरों पर आगजनी।
यह 2024 बांग्लादेश अशांति (2024 Bangladesh Unrest) की याद दिलाता है, जब हजारों हिंदू विस्थापित हुए थे।
ढाका की सड़कों पर हिंदू समुदाय खौफ में जी रहा है। धाकेश्वरी मंदिर के आसपास रातों में आगजनी की धमकी से लोग सतर्क हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “हमारे घर जला दिए गए, अब कहां जाएं?” ऐसी कहानियां आम हैं। भीड़ें एंटी-हिंदू नारे लगाते हुए संपत्ति नष्ट कर रही हैं।
हालिया आंकड़े:
| घटना का प्रकार | मामले (दिसंबर 2025) | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
| लिंचिंग | 5+ | ढाका, सिलहेट |
| मंदिर हमले | 15+ | पूरे देश |
| घर जलाना | 50+ | ग्रामीण इलाके |
सरकार इन्हें “अलग-थलग” बताती है, लेकिन केवल 10 गिरफ्तारियां हुई हैं एक हत्या मामले में।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बांग्लादेश हिंदू हिंसा (Bangladesh Hindu Violence) नई नहीं है। विभाजन के बाद हिंदू आबादी 22% से घटकर 8% रह गई। 1971 युद्ध में बचे, लेकिन 1990-2000 में बीएनपी-जमात शासन में दंगे हुए। वर्तमान लहर यूनुस सरकार के अधीन इस्लामिस्ट उभार से जुड़ी है।
बढ़ाने वाले कारक:
- सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय दबाव।
- हिफाजत-ए-इस्लाम जैसे संगठनों का युवाओं पर असर।
- भारत की चिंताओं को नजरअंदाज करना।
हिंदू समुदाय पर असर
आर्थिक तबाही, मानसिक आघात और भारत की ओर पलायन बढ़ा है। महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार 30% ज्यादा।
मानवीय कहानियां:
- उस्मान हादी की अंत्येष्टि पर हिंसा।
- जीवित बचने के लिए एंटी-इंडिया शपथ लेने को मजबूर परिवार।
भारत और विश्व की प्रतिक्रिया
भारत में राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन अल्पसंख्यक अधिकारों पर जोर दे रहा है। MEA ने “सांप्रदायिक हिंसा” की निंदा की और शरण की पेशकश।[conversation_history] बांग्लादेश इनकार करता है, लेकिन यूएन मानवाधिकार उल्लंघन बता रहा है।
समाधान के रास्ते
बांग्लादेश हिंदू हिंसा (Bangladesh Hindu Violence) रोकने के लिए:
- अल्पसंख्यक सुरक्षा कानूनों का सख्ती से पालन।
- लिंचिंग पर अंतरराष्ट्रीय जांच।
- कट्टरता रोकने के लिए सामुदायिक संवाद।
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