Bihar Election 2025:मोकामा, राघोपुर और अन्य सीटों पर कड़ा मुकाबला, मतदाता लाइन में

On: November 6, 2025 8:09 AM
Follow Us:
---Advertisement---

Bihar Election 2025 के पहले चरण की वोटिंग के ठीक पहले, राघोपुर और मोकामा विधानसभा सीटों पर राजनीतिक तापमान शिखर पर है। राघोपुर, जहाँ तेजस्वी यादव अपनी बहुचर्चित जमीनी साख को बरकरार रखने की चुनौती में हैं, और मोकामा, जहाँ लंबे समय से गुटबाजी व फसाद की छाप रही है — ये दोनों सीटें इस बार “हाई-प्रोफाइल” मुकाबले के केंद्र में आ चुकी हैं।

Bihar Election 2025

राघोपुर और मोकामा : सिर्फ एक सीट नहीं, प्रतीकात्मक दांव

राघोपुर सीट हमेशा से ही राजनीतिक प्रतीक रही है। इस बार तेजस्वी यादव द्वारा इस सीट से लड़ना न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत चुनौती है, बल्कि उनके दल और गठबंधन की राजनीतिक प्रगति का भी एक अहम मापदंड बन गया है। विरोधी दलों द्वारा इस सीट को तोड़ाने की रणनीतियाँ भी चल रही हैं — उदाहरण के लिए, प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि तेजस्वी राघोपुर से बैकफ़ुट पर होंगे।

यह सीट इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि यहां पर राजनीतिक वंशवाद, क्षेत्रीय विकास के वादे, और मतदाताओं की अपेक्षाएं लगातार टकरा रही हैं। इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी, बाढ़-प्रभावित इलाकों की समस्या और युवा बेरोजगारी जैसे मुद्दे गहराई से महसूस किए जा रहे हैं। मतदाता इस बार सिर्फ नेता को नहीं, बल्कि काम और बदलते व्यवहार को देख रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर मोकामा विधानसभा क्षेत्र ने पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक उथल-पुथल का सामना किया है। यह वही सीट है जहाँ पूर्व ‘बाहुबली’ कहे जाने वाले अनंत कुमार सिंह ने सफलता पाई थी, विभिन्न पार्टियों के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इस बार उनकी स्थिति और बाद में गठबंधन परिवर्तन ने मोकामा को और भी प्रतिस्पर्धात्मक बना दिया है।

मतदाता-रोल में विशेष “सिर्फरीविज़न” (Special Intensive Revision) के बाद निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। इसके बावजूद, मोकामा में हाल ही में एक समर्थक की हत्या ने सुरक्षा-चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे अब चुनाव आयोग की निगरानी और बढ़ गई है।

क्या होगा परिणाम?

अगर राघोपुर में तेजस्वी यादव अपनी जड़ें मजबूत रख पाते हैं, तो यह गठबंधन-रणनीति और जन-आधार दोनों के लिए बड़ी जीत मानी जाएगी। वहीं मोकामा में यदि किसी नए चेहरे या पुराने दबदबे के खिलाफ जन आन्दोलन असर दिखाता है, तो यह संकेत होगा कि बिहार की राजनीति सिर्फ पुराने समीकरणों में बंधी नहीं रही।

यह भी पढ़े : Bihar Election 2025: पहले चरण की 5 अहम सीटें, कौन होगा विजेता?

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment