बीबी से कैसे लड़ें?

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आपको बताता हूँ एक गुप्त ज्ञान जो बड़े काम की बात है. आज आपको पता चलने वाला है कि बीबी से कैसे लड़ें.

ये गुप्त ज्ञान सभी के लिए है -चाहे आप कुंवारे हों या शादीशुदा. अगर आप शादीशुदा हैं तो आज ही ट्राय कर लेना जो मैं बता रहा हूँ और अगर कुंवारे हों आप तो शादी के बाद आपको जरूरत पड़ेगी मेरी शिक्षा की. आप अभी से सीख लो फिर सबको सीखना. मैंने भी सीखा है वैसे मुझे किसी ने सिखाया नहीं था, मैंने अपने अनुभव से सीखा है. जी हाँ, दुनिया का सबसे मुश्किल काम है बीबी से लड़ना.

बड़े बड़े नहीं जानते बीबी से कैसे लड़ें. बड़े बड़े ग्यानी नहीं जानते बीबी से कैसे लड़ा जाता है. बड़े बड़े पहलवान जानना चाहते हैं बीबी को कैसे पटकें. हम बताते हैं आपको. पहले तो ये समझ लो की दुनिया में आज तक कोई बीबी से जीत नहीं पाया है. जिनको लगता है कि वे बीबी से जीते हैं वे भी बीबी से जीते नहीं हैं. पूछ लीजिये आप उन्ही से. उन्हें लगता है कि उन्होंने हरा दिया है बीबी को लेकिन बीबी से वे भी जीत नहीं पाए हैं.

वजह क्या है – बस यही तो बताना है आपको – बीबी से आप जीत नहीं सकते क्योंकि आपको बीबी से लड़ना नहीं आता. बीबी से लड़ने का तरीका वो नहीं है जो आपके पास है. बीबी को गाली घूँसा लात से आप जीत नहीं सकते क्योंकि अगर वो गाली घूँसा और लात पर उतर आये तो आपकी क्या रह जायेगी इज्जत. जीतना तो दूर लड़ने से भी डरेंगे आप. इसलिए हम बताते हैं आपको कैसे लड़ें बीबी से.

उससे हाथ पैरों से नहीं दिमाग से लड़िये. वो हार जायेगी आपसे. दिमाग इस्तेमाल कीजिये तो वो आपको बता देगा कि उसे हारने का तरीका दिल से हो कर जाता है. जी हाँ दिल जीत लीजिये उसका वो पूरी आपसे हार जायेगी. है न ये मुश्किल काम. हाँ ये मुश्किल काम है आपके लिए क्योंकि न तो कभी आपने इसके बारे में सोचा न ट्राय किया. क्योंकि ये वाला पन्ना आपकी ज़िन्दगी की किताब में है ही नहीं. किसीने सिखाया ही नहीं किसी ने बताया ही नहीं. पर मैं बताता हूँ आपको.

लड़ के नहीं, प्यार से जीत लीजिये उसे. कितनी भी बुरी होगी आपकी बीबी, आपसे हार ही जायेगी. अगर दुनिया की सबसे बुरी बीबी है आपकी तो भी आप लिख के ले लीजिये वो आपसे जीत नहीं पाएगी अगर प्यार की जंग लड़ेंगे आप उससे. प्यार की जंग लड़ने का तरीका भी हम आपको बताते हैं -याद है कैसे भगवान भोलेनाथ ने शांत किया था काली मां को? जी हाँ वही तरीका है सर्वोत्तम. दरअसल उन्होंने आपके लिए ही ये शिक्षा दी थी. उन्होंने काली मां के चरणों के नीचे आ कर ये बताया था कि मूल रूप से वह जो आपकी अर्धांगिनी है न वह आपके लिए सम्माननीय है.

उसके चरणों में यदि आप गिर जाएंगे तो वह आपके चरणों में गिर जायेगी क्योंकि वह आपसे भी एक कदम आगे जा कर भावनाओं को जीती है. सारे मानवीय मूल्य स्त्री में समाये होते हैं क्योंकि वह संघर्ष में नहीं प्रेम में विशवास करती है. आप शक्ति से उसे जीत कर भी उसका हृदय नहीं जीत सकते. उसका ह्रदय जीतने के लिए आपको समर्पण करना होगा. आत्मसमर्पण करना होगा आपको. अपने अहम् को तिरोहित करके अपना सर्वस्व समर्पित करना होगा उसे. उसके बाद देखिये उसके प्रेम का अनुपम रूप.

आप अचंभित रह जाएंगे. वो तरल हो जायेगी. क्योंकि मूल रूप से निर्मला है वह -उसका हृदय निर्मल है – आपके प्रेम के इस असाधारण सुन्दर रूप को देख कर वो समझ जायेगी कि उससे अधिक भाग्यशाली इस दुनिया में और कोई नहीं है.

फिर उसका प्रेम आप देखिये. आपको लगेगा कि दुनिया में सबसे अधिक भाग्यशाली आप हैं -और कोई नहीं है जिसे इतना प्रेम करने वाली पत्नी मिली है. बस इस प्रेम को चलने देना. इस प्रेम में जीते रहना इस प्रेम को कदापि न भूलना क्योंकि यही समर्पण वाला प्रेम है लड़ाई का वो ढंग जो आप आज़मा सकते हैं उससे जीतने के लिए जिससे स्वयं भगवान् भोलेनाथ भी जीत न सके थे.

असली विजय समर्पण से मिलती है, संघर्ष से नहीं. एक बार सच्चा समर्पण करके तो देखो एक बार पूरा समर्पण करके तो देखो फिर आप कहोगे कि प्यार के लिए ही ज़िन्दगी इतनी कम है तो लड़ने का समय कहाँ से लाऊँ. फिर मिलता हूँ आपसे.

(हम पानी बचाएंगे ! – सबको सिखाएंगे !!)