bjp सरकार के राज में देवभूमि में हुआ पांच संतों पर केस

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मामला बनाया गया है हेट स्पीच का और हरिद्वार में पांच संतों पर की गई है एफआईआर..

अब ये बात तो तय है कि कोई ये नहीं कह सकेगा कि सिर्फ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी या वामपंथी पार्टियां या ओवेसी की पार्टी ही संतों और हिन्दुओं को निशाना बनाती हैं -अब बीजेपी भी बना रही है देश के संतों को निशाना. अब बेहतर हो देश के सारे संत अपनेआप को भगवान के हवाले कर दें क्योंकि लगता है कि अब वे भगवान भरोसे ही हैं. जब अपने लोग ही अपने विरुद्ध खड़े हो जाएँ तो जूलियस सीज़र का वो ऐतिहासिक सवाल याद आता है – यू टू ब्रूटस?

हुआ हेट स्पीच का मामला दर्ज

उत्तराखंड पुलिस ने की है ये कार्रवाई और हरिद्वार में धर्मसंसद के दौरान संतों पर हेट स्पीच का आरोप लगाया है. धर्म संसद के आयोजक नरसिंहानंद पर भी दर्ज किया गया है मम्मला. इस धर्मसंसद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा कर पुलिस ने अभी तक कुल पांच संतों को निशाने पर लिया है उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. इन संतों में यति नरसिंहानंद, वसीम रिज़वी उर्फ़ जितेंद्र त्यागी, सागर सिंधु महाराज, अन्नपूर्णा जी एवं धर्मदास जी शामिल हैं.

नरसिंहानंद पर है आरोप

यति नरसिंहानंद पर पुलिस का आरोप है कि इन्होने हरिद्वार में हुई धर्मसंसद नफरत भरे भाषण दिए हैं. उत्तराखंड पुलिस ने आव न देखा ताव, झट से यति नरसिंहानंद पर भी केस दर्ज़ कर लिया है. यति नरसिंहानंद के साथ ही पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने का मामला बना कर सागर सिंधु महाराज को भी आरोपी बनाया है. जो नफरत का भाषण देने वाला मामला बनाया गया है उस केस में 295 A (किसी भी धर्म का अपमान करने के इरादे से उससे जुड़े पूजा स्थल को चोट पहुंचना या अपवित्र करने का प्रयोजन) की धारा को भी जोड़ दिया है.

यति नरसिंहानंद ने दिया जवाब

पुलिस के इस कारनामे से बिना भयभीत हुए यति नरसिंहानंद ने बयान दिया है जिसमे उन्होंने कहा है कि पुलिस अगर मेरे भाषण को नफरत का भाषण समझ रही है तो अब उसे ही समझना और समझाना होगा कि ये नफरत का भाषण है या नहीं और अगर है तो कैसा है और अगर नहीं है तो पुलिस बताये कि ये षड्यंत्र क्या है? उन्होंने कहा मैंने जो कहा मैं उस अपने वक्तव्य पर कायम हूँ.

गौर करने वाली बात ये भी है कि हरिद्वार में हुई धर्मसंसद में घृणा फैलाने का आरोप और भी कई लोगों ने लगाया है. यहां संतों के भाषणों पर कार्रवाई न करने को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ये आरोप लगाया था.