बुलडोज़र जनता पार्टी नया नाम है BJP का

उत्तर प्रदेश के राजसिंहासन पर विराजने वाले हैं वैरागी राजा ..प्रारम्भ हो गई है राजतिलक की तैयारी
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उत्तरप्रदेश में बीजेपी की प्रचंड विजय ने इतिहास लिख दिया है. भारत के उत्कर्ष की यात्रा अब अविराम हो गई है जो ऐसा न होने पर यू-टर्न लेने वाली थी. इससे पहले कि हम इस विकट विजय की बात करें, हम पराजय की बात कर लेते हैं अर्थात कल्पना कर लेते हैं कि यूपी हार जाते तो देश कहाँ जाता?

रसातल में चला जाता देश

अगर यूपी हार जाते तो देश के रसातल में जाने का रास्ता तैयार हो जाता. यूपी देश का आत्मविश्वास है. राष्ट्रवादियों की सरकार यदि अपना गढ़ ही हार जाती तो अगला महायुद्ध भी हार जाती जो 2022 में होना है. यह तो तय है कि पार्टी का आत्मविश्वास भंग होता और 2022 के मैदान में कांपते कदमों से उतरते राष्ट्रवादी योद्धा. यूपी चली जाती उन हांथों में जिन हांथों से तारा था योगी जी ने. अब फिर से कसाई के आगे हलाल होने पहुँच जाती यूपी एक बकरे की तरह. और फिर चलता पांच साल अंधांधुंध ‘राज’. त्राहि त्राहि मचती और यूपी की जनता को कहना ही पड़ता कि यूपी के लिए योगी ही उपयोगी थे बाकी तो सारे लोभी हैं.

योगी पर होता भारी संकट

योगी आदित्यनाथ हार जाते तो उनको उत्तर प्रदेश छोड़ने की मजबूरी बन जाती. ये अलग बात है कि योगी कायर नहीं हैं और किसी भी स्थिति में यूपी नहीं छोड़ते लेकिन तब उस स्थिति में योगी पर हमलों की झड़ी लग जाती क्योंकि योगी ने जितने अपराधियों को जेल पहुंचाया है उनकी आत्मा को यूपी में अपने दुश्मन नंबर वन योगी को निहत्था देख कर चैन नहीं मिलता. छुटके अपराधियों से लेकर नामवर माफियाओं को भी पानी पिला दिया है योगी ने. कई जेल चले गए कई के एनकाउंटर हो गए कई यूपी छोड़ कर भाग गए और कइयों ने तो भाईगिरी का धंधा ही छोड़ दिया है. बिगाड़ भले ही कुछ न पाएं लेकिन ऐसे अपराधी जीवन भर योगी से खुंदक खाते रहेंगे, इसमें कोई शक नहीं.

धन्यवाद है यूपी के वोटरों को

किन्तु नहीं. ईश्वर को धन्यवाद है कि ऐसा नहीं हुआ. ईश्वर की प्रेरणा से उत्तरप्रदेश के राष्ट्रवादियों ने इतना तो वोट दे ही डाला कि योगी जी कहीं न जाएँ. अगर ये वोट पूरा-पूरा पड़ता तो शायद चार सौ तीन सीटों में से पौने चार सौ सीटें तो मिल ही जातीं योगी की पार्टी को. जिस तरह से योगी और मोदी के विरोधियों ने देश भर से वोटिंग के लिए सबको वापस बुला लिया और लाइन में लगा कर अपने झुण्ड के झुण्ड लोगों को परिवार सहित वोट करने उतारा, उसे देख कर लोगों के दिल धड़क गए थे और लगने लगा था कि इस बार फिर वही होगा जो हर पांच साल में होता है यूपी में अर्थात बदल जायेगी सरकार और योगी बन जाएंगे भूतपूर्व मुख्यमंत्री. हुआ उलटा, भूतपूर्व मुख्यमंत्री भूतपूर्व ही रहे और योगी आज भी सीएम ही हैं और अगले पांच साल भी सीएम रहने वाले हैं.

बुलडोज़र फैक्टर ने सबको रोंद डाला

यूँ तो योगी ने एक प्रदेश नहीं जीता बल्कि सारा देश जीत लिया है लेकिन उन्होंने एक बार में कई जीतें हासिल कर लीं. योगी ने सपा को हराया, बसपा को चित कर दिया, कांग्रेस को धो डाला और इन सबके साथ ही जातिवाद, कट्टरतावाद, आतकंवाद, गुण्डावाद, अपराधवाद, वंशवाद सभी को रगड़ डाला. सब पर भारी पड़ गया योगी का बुलडोज़र. योगी के बुलडोज़र हर उस फैक्टर को रोंद कर आगे बढ़ गए जो योगी की राह के रोड़े थे. अनधिकृत सम्पत्तियों पर ताबड़तोड़ चलने वाला योगी का बुलडोज़र एक संकट का संकेत हर उस अपराधी मानसिकता वाले व्यक्ति के लिए है जो यूपी के भीतर है. योगी क्षमा नहीं करते – या तो अपराध छोडो या यूपी छोडो नहीं तो जेल जाओ या फिर. देश की जनता का दिल जीत लिया है योगी ने !!