बस यूँ ही कट जायेगी ज़िन्दगी

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कभी सपनों में कटेगी,
कभी हकीकत में,
कभी ख्वाबों में
तो कभी ख्यालों में
कटती है जिंदगी,
जिंदगी तो बस जिंदगी है
यूँ ही कट जाएगी जिंदगी !

अब पाने की कोई चाह नहीं,
फिर भी चिंतित सी
क्यों रहती है जिंदगी,
समझाती हूँ बार-बार
कमबख्त इस दिल को,
पर ख्वाब बुनना
नही भूलती है जिंदगी

उड़ जाएंगे के एक दिन
सब तसवीर की रंगों की तरह
आज वक्त की टहनी पर
बैठी है जिंदगी ,
बरसात एक बूंद पड़ी
तो थरथराने लगी जिंदगी !

बस यूँ ही कटती है
और कट जाऐगी जिंदगी !