साहित्य

NIG Story: मैं हूँ ना !

मध्य रात्रि का पहर.. तेज़ बारिश…बेचैन अमृता  बिस्तर पर करवटें बदल रही थी. एक साथ कितने ख्याल उसके ज़ेहन को कचोट रहे थे. किसने क्या

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बूढ़े वृक्ष की मौन गाथा

वृक्ष तुम कितने बड़े हो हृष्ट-पुष्ट और शक्तिशाली  तुमने तो एक ही स्थान पर बना लिया अपना बसेरा  और बिता दिये बरसों बरस  बापू ने

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NIG Story: आई मिस यू, माँ !

प्रिया प्रतीक्षा कर रही है एयरपोर्ट  पर अपनी बहू नताशा की. पहली बार  मिलने वाली थी प्रिया नताशा से. नताशा उसकी बहू है और आरू 

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मनकही – दिल से दिल की बात

हे भगवन, जब होंगे मेरे जीवन के अंतिम क्षण  क्या आप आओगे मुझको लेने  क्या दोगे मुझे अपने दर्शन मृत्यु यदि है आपसे मिलन   तो

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