China : आर्थिक स्थिति हो सकती है खराब चीन की

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चीन की प्रॉपर्टी सेक्टर वाली कंपनियों पर कर्ज़ का खतरा मंडरा रहा है. एक के बाद एक कंपनी इस वित्तीय संकट में फंसती नज़र आ रही है. पहले एवरग्रैंड और अब फैंटेसिया समूह कर्ज़ की परेशानी झेल रहा है. दोनों ही कंपनियों का Head Office today शेनझेन में है और ये कर्ज़ के बोझ तले दबी है.
चीन के रियल एस्टेट में उभर रहा ये एक ऐसा वित्तीय संकट है कि जिससे चीन की पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. चीन की जायदाद कंपनियों का ये खस्ता हाल देखकर ये अनुमान लगाया जा रहा है कि इन कंपनियों का भविष्य खतरे में है.
वेबसाइट कंपनियों के द्वारा ये कहा जा रहा है कि इस परिस्थिति का मुख्य कारण घर खरीद दर में आई गिरावट है जिससे इन कंपनियों को उम्मीद के अनुसार लाभ नही मिला और इसका सीधा प्रभाव इनकी वित्तीय स्थिति पर पड़ा.

बॉन्ड के भुगतान में हुईं अक्षम

जहाँ एवरग्रैंड के शेयर बिजनेस और प्रॉपर्टी र्सेक्टर के मैनेजमेंट पर रोक लगाई गई है वहीं फैंटेसिया होल्डिंग ग्रुप अपने बॉन्ड की रकम चुकाने में असफल दिख रहा है. कहा जा रहा है कि फैंटेसिया ग्रुप Mature Bonds (मंगलवार) की रकम नही चुका पाया है. फैंटेसिया ने अमेरिका को 21 करोड़ डालर के जो बॉन्ड Sold Out किये थे अब उसके भुगतान का समय आया है तो कंपनी के पास पर्याप्त नकद नही हैं. टोकी गई सीमा-अवधि के भीतर वह ब्याज चुकाने में असफल हो गया है.

शेयर मूल्यों में भारी गिरावट

मैग़ज़ीन रिपोर्ट के अनुसार फैंटेसिया प्रॉपर्टी समूह के पास अभी 30 दिनों की अवधि है ये बड़ी रकम के भुगतान के लिये. कंपनी द्वारा अमेरिका को बॉन्ड बेचते समय दिए गए गए डॉक्यूमेंट्स में इस एजेंडे को मेन्शन किया गया है. कर्ज़ न चुका पाने की चर्चा का बाज़ार इस कदर गर्म है कि इसका प्रतिकूल प्रभाव सीधे कंपनी के शेयर मूल्यों पर पड़ा. शेयर मूल्यों में 58.5 प्रतिशत की गिरावट आ गई है. 29 सितंबर से ही ये अवधारणा की जा रही है जिसका असर कंपनियों के व्यवसाय पर दिख रहा है. दोनों ही कंपनियों के शेयरों की बिक्री-खरीदी पर बैन लगा दिया गया है.

कंपनी का भविष्य खतरे में

बुरे संकट से गुज़र रही फैंटेसिया कंपनी ने कुछ दिन पहले 31 अगस्त को ये दावा किया था कि उसके पास विदेश में 20 करोड़ डॉलर की पर्याप्त रकम है जिससे मैच्योर बॉन्ड का भुगतान करना आसान होगा. परन्तु फैंटेसिया ने 28 सितंबर को यह बयान रेटिंग एजेंसी फिच को दिया कि विदेश में रखी इस जमा पूंजी से उसने अपने निजी बॉन्ड्स का भुगतान किया है और अब यह बात सार्वजनिक रूप से सामने आ जाने पर इस कंपनी की छवि धूमिल होती नज़र आ रही है और इसकी वित्तीय व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं.

चीनी सरकार द्वारा सकारात्मक कदम

अब सवाल ये भी उठता है कि इन प्रॉपर्टी सेक्टर कंपनियों के कर्ज़ के गर्त में डूबने को लेकर सरकार क्या कर रही है? सरकार के आदेश के बाद Central Bank ने 123 अरब डॉलर की नकदी की सहायता प्रॉपर्टी कंपनियों को दी है. सरकार ने इस क्षेत्र को बदहाली से बचाने के लिये देश के सभी बड़े बैंकों से ये अनुरोध किया है कि वे प्रॉप्रटी सेक्टर पर गहराए संकट को दूर करने के लिए आगे आए और एवरग्रैंड के शेयरों को खरीदने की बात कही. यह भी कहा कि मकान खरीदने वाले ग्राहकों को उचित दर पर कर्ज़ उपलब्ध कराए जाएं. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी है कि फैंटेसिया ग्रुप को लेकर सरकार का अगला कदम क्या होगा?

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