क्या चीन ने दुनिया पर वायरस से किया हमला? चीनी वैज्ञानिक का दावा – मिलिट्री लैब में बनाया कोरोना वायरस

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क्या चीन ने दुनिया के खिलाफ वायरस वॉर छेड़ दिया है? क्या चीन ने दुनिया पर कोरोना वायरस से हमला बोला है और अब वो एक एक देश को बर्बाद होते देख रहा है? आखिर ऐसा क्यों है कि चीन में हालात सामान्य हैं और उसके दो बड़े दुश्मन भारत और अमेरिका में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है? क्या चीन ने वैक्सीन बनाने के बाद दुनिया पर कोरोना वायरस से हमला बोला है? क्या चीन ने वुहान शहर को वायरस की प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया और अपने लाखों नागरिकों को मरवा दिया? ये तमाम सवाल इसलिए क्योंकि चीन की शीर्ष वैज्ञानिक ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है उससे अब चीन दुनिया के सामने सबसे बड़े विलेन की तरह उभर कर सामने आ चुका है.

कोरोनावायरस का दुनिया में कहर जारी है. दुनिया के तमाम समर्थ देश कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं. कई राउंड के ट्रायल भी हो गए हैं. लेकिन कोरोना वायरस का कोई तोड़ नज़र नहीं आ रहा है. इसी बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण का रामबाण समाधान शायद ही मिल सके. इससे जाहिर होता है कि कोरोना को लेकर दुनिया में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं क्योंकि इस वायरस को खत्म करना आसान नहीं लग रहा है. इसी बीच कोरोना वायरस को लेकर चीन की सीनियर वैज्ञानिक ने सनसनीखेज दावा किया है. चीन के वैज्ञानिक के मुताबिक कोरोना वायरस चीन ने मिलिट्री लैब में तैयार किया है.

हॉन्ग कॉन्ग से भागकर अमेरिका पहुंची चीन की सीनियर वायरोलॉजिस्ट डॉ ली मेंग ने ये दावा किया है कि चीन की मिलिट्री लैब में कोरोना वायरस बनाया गतया है. डॉ ली मेंग हॉन्ग कॉन्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में सीनियर वायरोलॉजिस्ट के रूप में काम करती हैं. उन्होंने दावा किया है कि चीन ने सच्चाई छिपाने के  लिए वुहान के वेट मार्केट की साजिश रची.

ताइवान की समाचार एजेंसी ल्यूड प्रेस के साथ एक इंटरव्यू शो में डॉ ली मेंग ने बताया कि जब कोरोना वायरस की महामारी ने फैलना शुरू किया तो उन्होंने ये पाया कि कोरोना वायरस चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी की एक मिलिट्री लैब से बाहर निकला. इसको ही छुपाने के लिए वुहान मार्केट की साज़िश रची गई. साथ ही डॉ ली मेंग यान ने दावा किया कि जब उन्होंने इसके बारे में अपने सीनियर अधिकारियों को जानकारी दी तो उन्होंने अनदेखा कर दिया. डॉ ली मेंग का दावा है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी उनकी रिपोर्ट को खारिज नहीं कर सकती है.

चीनी शासन के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को हमेशा के लिए गायब कर दिया जाता है. इसी डर से डॉ ली मेंग ने चुपचाप रह कर तमाम जानकारियां इकट्ठा करनी शुरू कर दी और मौका लगने पर अमेरिका भाग गईं.

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