CM Nitish या Samrat Chaudhery 2025: बिहार कानून व्यवस्था की असली डोर किसके हाथ?​

On: November 24, 2025 11:30 AM
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CM Nitish

CM Nitish सरकार की सुशासन और न्याय के साथ विकास में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। बिहार में अपराध की दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। यह आरोप बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी का है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में प्रति 1 लाख की आबादी पर केवल 75 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो पुलिस बल की भारी कमी को दर्शाता है। बिहार में अब तक अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं, खासकर हिंसक अपराध और हत्या की घटनाएं, जो चिंता का सबब हैं। पुलिस विभाग में रिक्त पद और अपर्याप्त संसाधन इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं|

नीलकमल, पटना: बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व पंचायती राज्य मंत्री Samrat Chaudhery का तर्क है कि सरकार अब सुशासन, न्याय और विकास में दिलचस्पी खो चुकी है। वे कहते हैं कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान केवल अपनी कुर्सी बचाए रखने पर केंद्रित है, जिससे उनकी प्राथमिकता बिहार की 13 करोड़ जनता की भलाई नहीं रह गई है। इसी कारण पिछले छह महीनों में राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।

पुलिसकर्मियों की कमी पर Samrat Chaudhery ने बताया कि बिहार में केवल 76 पुलिसकर्मी एक लाख लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 195.39 है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरजेडी की पहली कैबिनेट में घोषित 10 लाख स्थायी नौकरियों का क्या हुआ और तेजस्वी यादव युवा वर्ग के लिए कब ठोस योजना बताएंगे। इसके विपरीत, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश योजना की घोषणा हो चुकी है, जबकि बिहार के पास ऐसा कोई स्पष्ट योजना मौजूद नहीं है। वे इस स्थिति को केवल दिखावे जैसा बताते हैं।

Samrat Chaudhery ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि जातीय जनगणना कराने का फैसला बीजेपी ने लिया था, लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी सरकार केवल मकानों की गिनती में उलझी हुई है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य की सभी पंचायतों, कब्रिस्तानों और श्मशानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। चौधरी ने कहा कि यह चिंताजनक है कि पिछले 18 वर्षों से मुख्यमंत्री ही गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके राज्य के 1263 थाना और ओपी में से 471 अभी भी भवनहीन हैं, और 50 भवनहीन थानों के लिए आज तक भूमि चिन्हित नहीं की गई है। यह स्थिति सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही लाचार और निंदनीय है.

Samrat Chaudhery ने कहा है कि बिहार में अपराध की स्थिति बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है और यह चरम पर है। उन्होंने बताया कि राज्य में हाल के महीनों में हत्या, चोरी, अपहरण और अन्य आपराधिक गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। बिहार के कई हिस्सों में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ती जा रही है और पुलिस संसाधनों की कमी इसे और बढ़ा रही है। सम्राट चौधरी ने सरकार से इस समस्या को गंभीरता से लेने और जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि बिहार को फिर से सुशासन और सुरक्षित प्रदेश बनाया जा सके.

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