Cricket Dil Se: पराक्रमी टीम इन्डिया के पास पूरा मौका है T20 World Cup जीतने का

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क्रिकेट भारतीयों के दिल में बसता है और मुहब्बत बन कर उनके खून में दौड़ता है. आज मौसम क्रिकेट का ही है. टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप चल रहा है. देश के लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं क्योंकि इस बार फिर उन्हें उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप जीत कर भारत लाये और उन्हें गर्वित होने का एक और अवसर प्रदान करे.

कैसी टीम है इस बार वर्ल्ड कप में भारत की?

सीधा जवाब है इस बात का कि बहुत सन्तुलित टीम है भारत की जिसमें नये प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी योग्यता दिखाने का पूरा अवसर मिला है.

टीम में क्या बैटिंग और बॉलिंग लाइन अप में संतुलन रखा गया है?

यही सबसे महत्वपूर्ण गुण होता है किसी भी विजेता टीम का. संतुलन सिर्फ क्रिकेट में ही नहीं, हर खेल में टीम में सन्तुलन का होना बहुत जरूरी है. भारत के पास क्रिकेट के तीनों विभागों में निपुण खिलाड़ियों का संतुलन है. बैटिंग के दिग्गज राहुल, ईशान्त, रोहित, रिषभ पंत और कोहली हैं तो बॉलिंग में बुमरा, भुवनेश्वर, शामी और वरुण चक्रवर्ती हैं. फील्डिंग भारत की लाजवाब है ही जिसमें जडेजा, कोहली और राहुल जैसे जबर्दस्त फील्डर हैं तो वहीं पंड्या, जडेजा, अश्विन जैसे ऑलराउन्डर भी मौजूद हैं.

गब्बर इस बार टब्बर में नहीं हैं कहने का मतलब है धवन इस बार टीम में नहीं हैं

धवन के गिरते फॉर्म को ध्यान में रख कर विश्वकप के भारतीय दल में उनको स्थान नहीं दिया गया है क्योंकि टीम को जीतने के लिये भेजा गया है, सिर्फ विश्वकप में उपस्थिति दर्ज कराके खाली हाथ वापस आने के लिये नहीं. जहां तक बात धवन की है, टीम में उनकी कमी महसूस नहीं होगी क्योंकि उनके स्थान पर ईशान्त और सूर्यकुमार जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को स्थान मिला है जो अपने बल्ले से टीम के जीत के दावे को मजबूत करते रहेंगे.

धोनी नहीं होगे मैदान में मौजूद

सवाल ये भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिल में है कि हमारे क्रिकेट सितारे महेन्द्र सिंह धोनी को क्या इस बार हम मिस करने वाले हैं इस वर्ल्ड कप में? दरअसल, इस सवाल में दो सवाल हैं -क्या हम मैदान में धोनी की कमी महसूस करेंगे और मेन्टोर की भूमिका में वे टीम को जिताने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं? तो इसका जवाब ये है कि धोनी भारत के एक सार्वकालिक महान क्रिकेट कप्तान हैं और उनकी खासियत उनकी विजेता रणनीति है. तेन्दुलकर, कोहली की तरह ही धोनी भी भारत के क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े सितारे हैं. पर हम धोनी को मिस नहीं करेंगे क्योंकि धोनी टीम में मौजूद हैं. भले ही मैदान में वे दिखाई न दें, मैदान के बाहर टीम टीम के नये मेन्टोर के रूप में वे रणनीति बनाने में औऱ मार्गदर्शन करने का काम पूरी सक्षमता के साथ करेंगे.

इस वर्ल्ड कप में भारत के जिताने वाले खिलाड़ी कौन कौन से होंगे

-ये सबसे अहम सवाल है. कोहली, रोहित, राहुल, पंत औऱ ईशान किशन के अतिरिक्त बुमरा, शामी और जडेजा तथा पंड्या वे खिलाड़ी हैं जो टीम को वर्ल्ड कप दिलाने में खास भूमिका निभायेंगे. अगर बात करें भारतीय टीम के नंबर वन टी ट्वेंटी बल्लेबाज़ कमाल लाजवाब राहुल की तो वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो सिर्फ अपनी बल्लेबाजी के दम पर टीम को जीत दिलाने का माद्दा रखते हैं. रोहित और बुमरा भी उनकी तरह ही टीम को अपनी दम पर विजय दिलाने में सक्षम है बशर्ते वे अपना सौ प्रतिशत दे सकें.

नए खिलाड़ियों से क्या उम्मीद है?

नये खिलाड़ियों में भी खास हैं वरुण चक्रवर्ती, सूर्यकुमार यादव, इशान किशन, राहुल चहर और  शार्दुल ठाकुर. टीम इन्डिया के ये नये खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं. बात करें ईशान किशन की या सूर्यकुमार यादव की या शार्दूल ठाकुर की -तो इनमें इतनी जबर्दस्त क्रिकेट क्षमता है कि ये आने वाले दिनों विश्वस्तर के क्रिकेट खिलाड़ियों में गिने जायेंगे- इसकी पूरी संभावना है.

कौन सी टीमें देंगी भारत को टक्कर

भारत के क्रिकेट प्रेमियों का आखिरी सवाल जो आज सबसे अहम है वो ये है कि भारत के अलावा  और कौन कौन सी टीमें हैं जिनमे इस बार वर्ल्ड कप जीतने की क्षमता है? इस सवाल को ऐसे भी पूछा जा सकता है कौन कौन सी टीमें भारत को कड़ी टक्कर देंगी. इस सवाल के जवाब में कहा जा सकता है कि भारत के अतिरिक्त इन्ग्लैन्ड, पाकिस्तान और न्यूज़ीलैन्ड की टीमें बहुत दमदार हैं जिनमें विश्वकप विजय की पूरी क्षमता है. भारत को इन तीन टीम से विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है. यही वो टीमें हैं जो भारत को कड़ी टक्कर दे सकती हैं. फिर भी चिन्ता की कोई बात नहीं – इस बार विश्व कप टीम इन्डिया ही जीतेगी !