ओडिशा में फानी का विकराल रूप, उड़ा कर रख दी मकानों की छत तो पलट दी कारें, गर्जना से सहम गया पुरी

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वही हुआ जिसका डर था. लेकिन एक बड़ी आपदा से सावधानी बरतने ने बड़े नुकसान से जरूर बचा लिया. हवाओं की हुंकार ने ओडिशा के ज़र्रा-ज़र्रा को थर्रा कर रख दिया है. फानी तूफान ने ओडिशा के इलाकों को झकझोर कर रख दिया. शुक्रवार की सुबह फानी चक्रवात की दहशत के साथ हुई और साढ़े आठ बजे तूफान की दस्तक से ओडिशा का पुरी तट थर्रा उठा. 175 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फानी पुरी के तट पर टकराया जिसकी वजह से हजारों पेड़ उखड़ गए तो बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह ढह गए.

फानी का विकराल रूप देखकर रोंगट खड़े हो गए. कुछ जगहों पर फानी 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को पार कर गया. तूफानी हवाओं ने मकानों की छत उड़ा दी कई जगहों पर कारों और बस को ताश के पत्ते की तरह पलट कर रख दिया. लोग घरों के भीतर भी सुरक्षित नहीं थे. फानी के आवेग में मकानों के दरवाजे और खिड़कियां तक कई जगहों पर उखड़ कर उड़ गए.

तूफान से बचने की तमाम कोशिशों के बीच 3 लोगों की मौत की खबर भी आई है.

साल 1999 में सुपर साइक्लोन आया था. ये साइक्लोन मॉनसून के बाद आया था. इस बार भी मॉनसून के बाद साइक्लोन आने की आशंका है. लेकिन फानी चक्रवात प्री-मॉनसून साइक्लोन है जो सुपर साइक्लोन की तरह ही भयावह है.

ओडिशा के 20 साल के इतिहास में ये सबसे खतरनाक तूफान है. इस वजह से राज्य सरकार ने केंद्र की मदद से एहतियात के तौर पर 15 जिलों से 11 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. तूफान के गुजर जाने के बाद  ही असली जान-माल के नुकसान का अंदाजा लग सकेगा.  मौसम विभाग के मुताबिक  बंगाल से होते हुए फैनी बांग्लादेश की तरफ बढ़ेगा. राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में चेतावनी जारी कर दी गई है.

फानी से सहम गई बंगाल की सियासत, रद्द हुईं रैलियां

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश भर में चुनाव मौसम है और विवादित बयानों के तूफान से चल पड़े हैं. यहां तक कि राजनीतिक पार्टियों और नेताओं को चुनाव आयोग की परवाह नहीं है.  लेकिन फानी के कहर से सियासत का दिल भी दहल गया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दो दिन के लिए अपनी चुनावी रैली रद्द कर दी. वहीं आंध्रप्रदेश के गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों में आचार संहिता हटा ली गई है. मौसम विभाग के मुताबिक फानी ओडिशा से बंगाल होते हुए बांग्लादेश पहुंचेगा. पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो गई है. कोलकाता में बारिश शुरू हो गई है.

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